BrijBhushan Sharan Singh: बृजभूषण के खिलाफ धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354-ए (यौन उत्पीड़न) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं, कोर्ट ने यह भी कहा कि विनोद तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 506(1) के तहत आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत हैं.
नई दिल्ली. महिला पहलवानों से कथित यौन शोषण के मामले में कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट से बडा झटका लगा है. कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. बृजभूषण के सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश कोर्ट ने दिया. कोर्ट ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत हैं. कोर्ट ने छठी महिला रेसलर पीडिता के सभी आरोपों से भृजभूषण सरन सिंह को बरी किया। बाकी पांच महिला रेसलरों के आरोपों पर आरोप तय करने का आदेश दिया गया है.
बृजभूषण के खिलाफ धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354-ए (यौन उत्पीड़न) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया. वहीं, कोर्ट ने यह भी कहा कि विनोद तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 506(1) के तहत आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत हैं. पेश मामले में दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ 15 जून, 2023 को धारा- 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल), 354-ए (यौन उत्पीड़न) 354-डी (पीछा करना), और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था. मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी.
अब आगे क्या?
राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब इस मामले में ट्रायल शुरू होगा. सबसे पहले जांच एजेंसी यानी दिल्ली पुलिस आरोपी बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जिन तीन धाराओं में आरोप तय किए गए हैं, उसे साबित करने के लिए अपने सबूत पेश करेगी. बचाव पक्ष की तरफ से पेश सबूतों पर जिरह की जाएगी. इसके बाद बृजभूषण अपने बचाव में सबूत पेश करेंगे, जिससे दिल्ली पुलिस के वकील की तरफ से सवाल-जवाब किए जाएंगे. ट्रायल पूरा होने के बाद कोर्ट दोष साबित होने के संबंध में अपना फैसला सुनाएगी.