50 के बाद 56 का भी रिकॉर्ड टूटा, इंसानी शरीर कैसे करेगा सर्वाइव अगर टेम्प्रेचर 60 डिग्री तक पहुंच जाए?

NEWSDESK
5 Min Read

Heatwave: सामान्य स्थिति में मानव शरीर 37 डिग्री सेल्सियस के तापमान में बिना किसी दिक्कत के रह सकता है. लेकिन इसके बाद समस्या शुरू हो सकती है. 50 डिग्री तक तापमान इंसान के शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है.

Body Tolerate Temperature: इस बार रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है. पूरा भारत विकट गर्मी झेल रहा है, लोग बेहाल हैं. भीषण गर्मी की वजह से कई लोगों की मौत की भी खबरें आ रही हैं. राजधानी दिल्ली में तो पारा 52 को भी पार कर चुका है. लेकिन अब उत्तर प्रदेश के कानपुर में पार 56 को पार कर गया है. गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं लेकिन इन सबके बीच एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये पारा कहां तक जाकर रुकेगा. अगर पारा 60 के आसपास पहुंच गया तो शरीर इसको कैसे संभाल पाएगाअसल में हीटस्‍ट्रोक और लू के थपेड़े अपने चरम पर हैं. ठंडे स्थानों को छोड़ दिया जाए तो पूरा भारत इसकी चपेट में है. मानसून के दस्तक से पहले अभी आने वाले कुछ दिनों में भीषण गर्मी पड़ते रहने की आशंका जताई जा गई है. हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार शाम के समय अचानक मौसम बदलने की संभावना जताई है, वो भी सिर्फ दिल्ली और आसपास के इलाकों में, दिल्ली में तो कई इलाकों में पानी की किल्लत हो गई है. जगह-जगह पानी के टैंकर के पीछे लोगों के दौड़ने की तस्वीरें सामने आई हैं.

शरीर कैसे सर्वाइव करेगा 

यह बात सही है कि मानव शरीर हर तरह का मौसम झेल लेता है लेकिन अत्यधिक गर्मी को सहन करने के लिए यह नहीं बना है. सामान्य शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस (98.6 डिग्री फारेनहाइट) के आसपास होता है. 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) से अधिक तापमान तेज बुखार माना जाता है और 41 डिग्री सेल्सियस (105.8 डिग्री फारेनहाइट) मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति है, जिसके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए.

वहीं अगर बाहर के तापमान की बात की जाए तो इसका कोई ठोस सबूत तो नहीं है कि इंसान अधिकतम कितने तापमान में जिंदा रह सकता है. लेकिन प्रैक्टिकल के तौर पर इसकी भी सीमा है. वैज्ञानिकों ने इसके बारे में कई बातें कही हैं.

60 डिग्री टेम्प्रेचर..

सामान्य स्थिति में मानव शरीर 37 डिग्री सेल्सियस के तापमान में बिना किसी दिक्कत के रह सकता है. लेकिन इसके बाद समस्या शुरू हो सकती है. 50 डिग्री तक तापमान इंसान के शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है. अगर पारा 45 डिग्री पर ही पहुंच जाए तो बेहोशी, चक्कर या घबराहट जैसी शिकायतों के चलते ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. यहां तक कि इस तापमान में बहुत देर रहने से मांसपेशियां पूरी तरह खराब हो सकती हैं और कई लोगों की मौत भी हो जाती है.

खतरनाक है ये वाली स्थिति 

हेल्थ एक्सपर्ट्स ने यह भी माना है कि 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में दिमाग डैमेज हो जाता है और कोशिकाएं तक नष्ट हो जाती हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली स्थित थिंक टैंक, सेंटर फॉर साइंस एनवायरनमेंट सीएसई ने बताया कि मानव शरीर 36 से 37 डिग्री के आसपास बढ़िया सक्रिय रहता है. लेकिन 50 के आसपास समस्या होती है. वहीं अगर 60 डिग्री पर तापमान पहुंच जाए तो मस्तिष्क यानि दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं.

किन आसान उपायों को किया जा सकता है?

  • -छाया में रहें: सीधी धूप से बचें
  • ढीले-ढाले, हल्के रंग के कपड़े पहनें: ये पसीने को वाष्पित होने में मदद करते हैं
  • पानी पीते रहें: निर्जलीकरण से बचें.
  • ठंडा स्नान या शॉवर लें: जब भी संभव हो.
  • इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थों का सेवन करें: खोए हुए खनिजों को बहाल करने में मदद करते हैं.
  • एयर कंडीशनिंग या पंखे का उपयोग करें: यदि उपलब्ध हो.
  • अकेले बाहर न जाएं: किसी को अपने साथ रखें ताकि आपकी मदद हो सके.

ध्यान रखें कि यदि गर्मी की वजह से आपको चक्कर आना, मतली, या भ्रम जैसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं, पानी पीएं, और मेडिकल हेल्प लें. यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि 60°C तापमान में जीवित रहना बहुत मुश्किल है. यदि आप ऐसी स्थिति में हैं, तो शांत रहना और ऊपर दिए गए निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है.

 

Share this Article