Weekly Working Hours by Country: इन दिनों देश में नई बहस छिड़ी हुई है. हर कोई काम के घंटों को लेकर अपनी राय व्यक्त कर रहा है. ज्यादातर देशों में अब हफ्ते में 5 दिन काम करने का रूटीन तय किया जा चुका है. कुछ देश अपने यहां हफ्ते में 4 या 4.30 दिन काम करने का शेड्यूल भी बना रहे हैं. जानिए किस देश में कितने घंटे काम करते हैं एंप्लॉइज.
हर देश के अपने नियम-कायदे होते हैं. नौकरी और काम के घंटों को लेकर भी कानून बनाए जाते हैं. इन्हें लेबर लॉ के अंतर्गत सेट किया जाता है. हर देश ने अपने यहां काम करने वाले लोगों के लिए हफ्ते के वर्किंग आवर्स तय किए हैं. वीकली वर्किंग आवर्स का मतलब है कि एंप्लॉइज को हफ्ते में कितने घंटे काम करना है.
ज्यादातर देशों के एंप्लॉइज हफ्ते में 5 या 6 दिन काम करते हैं. कुछ देशों में 4 दिन काम करने का चलन भी शुरू किया जा रहा है. भारत में इन दिनों काम के घंटों को लेकर बहस छिड़ी हुई है. देश के नामी उद्योगपति नारायण मूर्ति ने एक बयान में कहा है कि भारतीय युवाओं को रोजाना 12 घंटे और हफ्ते में कम से कम 70 घंटे काम करना चाहिए. जानिए किस देश के लोग कितने घंटे काम करते हैं.
भारतीयों के एवरेज वर्किंग आवर्स
भारतीय कंपनियों में काम करने वाले युवा हफ्ते में 40-45 घंटे काम करते हैं (Average Working Hours in India). ज्यादातर संस्थानों में हफ्ते मे 5 या 6 दिन काम करने का नियम है. उसी के हिसाब से काम के घंटे भी तय किए जाते हैं. हालांकि कुछ चीजें काम के ऊपर भी निर्भर करती हैं. कई कंपनियों में जरूरत पड़ जाने पर एंप्लॉइज 10 या उससे ज्यादा घंटे भी काम करते हैं.
यहां हफ्ते में 40 घंटे से कम है काम
दुनिया के कई देशों में वर्क लाइफ बैलेंस को काफी प्रमोट किया जाता है. वहां एंप्लॉइज हफ्ते भर में 40 से भी कम घंटे अपने ऑफिस में बिताते हैं. यूरोप में बसे फ्रांस में हफ्ते में सिर्फ 36 घंटे यानी दिन के 7 घंटे ऑफिस में काम करना होता है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया का वर्किंग वीक 38 घंटे है यानी दिन के करीब 7.30 घंटे काम करना होता है. नीदरलैंड में हफ्ते के 29 घंटे पूरे करने होते हैं.
अमेरिका, ब्रिटेन का क्या है हाल?
अमेरिका में 5 डे वर्किंग कल्चर है (America Working Hours). यहां पर लोग रोजाना एवरेज 8 घंटे यानी हफ्ते में 40 घंटे ऑफिस में काम करते हैं. ब्रिटेन का वर्क कल्चर सबसे अलग है (Britain Working Hours). यहां एंप्लॉइज हफ्ते में 48 घंटे काम करते हैं. इस हिसाब से उन्हें हर दिन साढ़े 9 घंटे से ज्यादा काम करना होता है.