रहस्यमयी बीमारी के कारण एक महीने में 13 ग्रामीणों की मौत, स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही जांच

News Desk
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सुकमा

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के धनिकोर्ता गांव में पिछले एक महीने के भीतर 13 ग्रामीणों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। इन मौतों का कारण सीने में दर्द और खांसी की शिकायत बताया जा रहा है।

इसके बाद ग्रामीणों की हालत तेजी से बिगड़ रही है और उनकी जान जा रही है। गांव में लगभग हर घर से मौत की खबर आ रही है, जिससे वहां भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के बताया कि मृतकों में ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने शुरुआत में सीने में दर्द और खांसी की शिकायत की थी।

जांच शुरू कर दी गई
इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की निगरानी शुरू की है और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए नमूने एकत्र किए हैं। हालांकि, अभी तक मौतों के सटीक कारण का खुलासा नहीं हो सका है।

पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
सुकमा जिले में इस तरह की रहस्यमयी मौतों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2020-22 के दौरान कोंटा ब्लाक के रेगड़गट्टा गांव में 61 ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

वहीं, वर्ष 2024 में छिंदगढ़ ब्लाक के चितलनार गांव में उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद 15 दिनों के भीतर सात लोगों की जान चली गई थी। इसके साथ ही इतकल व अन्य गांवों में वर्ष 2020-24 के बीच 44 मौतें हुई थी। इन घटनाओं ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमारियों की रोकथाम को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

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