Arunachal Election Result 2024: अरुणाचल प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार आ रही है. भाजपा को 46 सीटें मिल सकती हैं. यह एकतरफा जीत भाजपा ने कैसे हासिल कर ली, कांग्रेस कहां पिछड़ गई, समझिए.
Arunachal Pradesh BJP News: एग्जिट पोल में मोदी सरकार 3.0 बनने के संकेत के बाद अब भाजपा को खुशखबरी मिलने लगी है. जी हां, 4 जून को नतीजे आएंगे, उससे पहले आज अरुणाचल प्रदेश से भगवा दल को अच्छी खबर मिली है. भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर रही है. दोपहर 12 बजे तक हुई काउंटिंग के मुताबिक भगवा दल प्रदेश की कुल 60 में से 24 सीटें जीत चुका है और 22 पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. बाकी दल दहाई में भी नहीं पहुंचे. एक निर्दलीय जीता है. भाजपा की एकतरफा जीत से देशभर के लोगों के मन में यह सवाल पैदा होता है कि आखिर भाजपा ने यह करिश्मा कैसे कर दिखाया?
2016 में पलटा गेम
हां, भाजपा के सफर की बात करें तो 2016 में लौटना होगा. रातोंरात स्टेट की पॉलिटिक्स में बड़ा खेल हुआ था. अचानक कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री पेमा खांडू पार्टी के 43 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए. तब तक अरुणाचल कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था.
आज हालत यह है कि इस चुनाव में कांग्रेस केवल 19 उम्मीदवार उतारने में सफल रही. इसके एकमात्र बचे हुए विधायक तुकी अरुणाचल पश्चिम सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू हैं.
60 में केवल 19 पर लड़ी कांग्रेस
वास्तव में, भाजपा के अलावा किसी भी दल ने एक तिहाई से ज्यादा सीटों पर चुनाव ही नहीं लड़ा. मुख्य उम्मीदवारों की बात करें तो कांग्रेस ने केवल 19 सीटों पर चुनाव लड़ा, अजीत पवार की NCP ने 15 सीट, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल ने 11 सीटों पर और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
चुनाव से पहले फिर हुआ ‘खेला’
यही वजह थी कि भाजपा काउंटिंग से पहले ही जीत को लेकर काफी आश्वस्त दिख रही थी. सीएम पेमा खांडू ने दावा किया था कि भाजपा क्लीन स्वीप करेगी. पार्टी ने पिछले चुनाव में 41 सीटें जीती थीं. हालांकि इस बार सीन कुछ अलग था. चुनाव से पहले लगभग सभी विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. हां, कांग्रेस में केवल एक विधायक पूर्व सीएम नबाम तुकी ही बचे थे. NPP के पास दो विधायक बचे थे जबकि दो निर्दलीय विधायक भी थे.
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद भाजपा की स्थिति मजबूत बनी रही. 2022 में असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा में लीक के बाद जनता में काफी आक्रोश देखा गया था. हालांकि नतीजे बता रहे हैं कि अरुणाचल के लोगों को भाजपा पर भरोसा है.