हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ में दुर्गम बड़ा भंगाल में भी हेलिकॉप्टर के जरिये पोलिंग टीम पहुंची हैं. बता दें कि यहां पहुंचने के लिए पैदल जाना पड़ता है और यहां पर पहुंचने के लिए पैदल तीन दिन का समय लगता है.
हिमाचल प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव (Himachal By-Elections) के लिए 1 जून को वोट डाले जाएंगे. इस दौरान चार लोकसभा सीट (Lok Sabha Chunav 2024) और 6 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में अब पोलिंग पार्टियां रवाना हुई हैं. प्रदेश के दुर्गम इलाकों में मतदान से 48 घंटे पहले ही ये पोलिंग टीम्स रवाना हुई हैंं.
हिमाचल प्रदेश के निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार शाम तक प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में 6589 पोलिंग पार्टियां अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला में 1617, मण्डी में 1196, शिमला में 967, चम्बा में 624 पोलिंग पार्टियां अपने-अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना कर दी गई हैं। इसी प्रकार सोलन में 582, कुल्लू में 571, बिलासपुर में 409 तथा सिरमौर में 403 पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि किन्नौर की सभी 128 व लाहौल-स्पिति की सभी 92 पोलिंग पार्टियां भी रवाना कर दी गई हैं. प्रवक्ता ने बताया कि मतदान के एक दिन पहले 31 मई को शेष 1403 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि चम्बा जिला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र (मण्डी लोकसभा क्षेत्र) के मैहला खण्ड में पोलिंग पार्टी 15 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य ‘एहलमी’ मतदान केन्द्र तक पहुंची. इसी प्रकार, शिमला व कुल्लू जिला के सबसे अधिक पैदल दूरी वाले शिमला के ‘पंडार’ (डोडरा क्वार) में 11 किलोमीटर तथा कुल्लू के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में ‘शाकटी’ मतदान केन्द्र के लिए भी पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं.
प्रवक्ता ने बताया कि कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ‘चक्की’ मतदान केन्द्र (भटियात विधानसभा क्षेत्र), जहां पोलिंग पार्टी को 13 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा. उन्होंने बताया कि ‘बड़ा-भंगाल’ के लिए पोलिंग पार्टी को ईवीएम और अन्य सामग्री के साथ हेलिकॉप्टर से रवाना किया गया.
हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ में दुर्गम बड़ा भंगाल में भी हेलिकॉप्टर के जरिये पोलिंग टीम पहुंची हैं. बता दें कि यहां पहुंचने के लिए पैदल जाना पड़ता है और यहां पर पहुंचने के लिए पैदल तीन दिन का समय लगता है. इसी तरह मंडी और लाहौल स्पीति में कई किमी पैदल चलकर मतदान करवाने के लिए कर्मी गए हैं. गौरतलब है कि एक जून को 57 लाख वोटर्स लोकसभा चुनाव में मतदान करेंगे.