Google Analytics —— Meta Pixel

सेविंग्स मामले में भारतीय दुनिया में चौथे नंबर पर

News Desk
2 Min Read

नई ‎दिल्ली । भारत में बचत का महत्व लंबे समय से बना हुआ है। आज भी भारत की बचत दर ग्लोबल एवरेज से ज्यादा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में बचत की दर 30.2 फीसदी है, जो ग्लोबल औसत 28.2 फीसदी से भी ज्यादा है। इसमें गर्व की बात है कि भारत अब चौथे स्थान पर है।  भारत से आगे चीन, इंडोनेशिया और रूस हैं। चीन की बचत दर 46.6 फीसदी, इंडोनेशिया की 38.1 फीसदी और रूस की 31.7 फीसदी है। घरेलू बचत में आर्थिक उछाल के साथ, भारतीय निवेशकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। यह नहीं केवल अर्थव्यवस्था के विकास का संकेत है, बल्कि ऐसे निवेशकों की साख भी दर्शाता है जो समुदायिक विकास में योगदान करने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही वित्तीय साधनों के विकल्प भी बढ़ते जा रहे हैं। म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश हर दिन बढ़ते जा रहे हैं, जिससे घरेलू निवेशकों के पास अधिक विकल्प हो रहे हैं। इससे न केवल वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ रही है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार उच्च बाजार पूंजीकरण और कंपनियों द्वारा जुटाई गई पूंजी में वृद्धि, दोनों ही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Share this Article