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विदेश मंत्री जयशंकर का बयान, वाणिज्य दूतावास हमलावरों पर हो सख्त कार्रवाई

News Desk
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वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से बातचीत की थी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने दो साल पहले सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है। इस घटना के आरोपियों को कटघरे में लाया जाना चाहिए।

घटना को अंजाम देने वालों को मिले सजा: विदेश मंत्री
वहीं, विदेश मंत्री ने बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा,"सैन फ्रांसिस्को में हमारे वाणिज्य दूतावास पर आगजनी का हमला एक बहुत ही गंभीर मामला है। यह ऐसा मामला है जिसके लिए हम जवाबदेही की उम्मीद करते हैं। हम यह देखना चाहेंगे कि जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाए। भारत इस घटना के लिए जवाबदेही की उम्मीद करता है।"

खालिस्तान समर्थकों ने की थी आगजनी
19 मार्च 2023 को सैन फ्रांसिस्को में मौजूद भारत के महावाणिज्य दूतावास पर हमलावरों के एक ग्रुप ने हमला किया था। हमलावरों ने पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया था और भारतीय वाणिज्य दूतावास में आग लगा दी गई। गनीमत रही कि अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, इस हमले में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ था

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी रिलीज की गई, जिसमें संदिग्ध खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर इकट्ठा होते हुए थे। . स्थानीय सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग, विशेष राजनयिक सुरक्षा कर्मियों, तथा राज्य और संघीय अधिकारियों ने इस घटना की जांच की। इस घटना पर अमेरिका ने चिंता जाहिर की थी।

बांग्लादेश के मुद्दे पर भी हुई चर्चा
गौरतलब है कि जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ बातचीत के दौरान बांग्लादेश का मुद्दा भी उठाया था। हालांकि, क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी शेयर नहीं की गई।

इन मुद्दों पर भी जयशंकर-रुबियो के बीच हुई बातचीत 
दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय मुद्दों और अमेरिका-भारत संबंधों को और गहरा करने के अवसरों, विशेष रूप से महत्वपूर्ण और उभरती टेक्नोलॉजी, डिफेंस कॉर्पोरेशन, एनर्जी और एक स्वतंत्र और खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाने समेत कई विषयों पर चर्चा की।

विदेश मंत्री रुबियो ने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और इरेगुलर इमिग्रेशन से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए भारत के साथ काम करने की ट्रंप प्रशासन की इच्छा पर भी जोर दिया।

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