Google Analytics —— Meta Pixel

मध्‍य प्रदेश में सरकार को लेकर कांग्रेस में घमासान के बीच सिंधिया ने दिया बड़ा बयान

NEWSDESK
4 Min Read

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वह गंभीर है. दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले मध्यप्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार का समर्थन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को सिंघार की बात सुननी चाहिए और दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर करना चाहिए.

इसके साथ ही सिंधिया ने कहा कि सरकार चलाने में किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. अभी छह माह भी नहीं हुए और मतभेद उठ रहे हैं तो मुख्यमंत्री का दायित्व होता है कि दोनों पक्षों के साथ बैठकर सलाह-मशविरा करें और समाधान निकालें. बहुत मुश्किल और मेहनत से हम लोगों ने 15 साल कड़ी मेहनत कर कांग्रेस का शासन स्थापित किया है.

सिंधिया ने मीडियाकर्मियों से कहा कि मुख्यमंत्री को सिंघार की बात सुननी चाहिए. सिंधिया ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्वियज सिंह का नाम लिए बिना कहा कि सरकार अपनी दम पर चलाना चाहिए, किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

सिंधिया से जब संवाददाताओं ने सिंघार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सिंह पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘आरोप गंभीर हैं और इस पर जरूर दोनों पक्षों को बैठाकर बात होनी चाहिए. सरकार को अपने दम और आधार पर चलना चाहिए, किसी का हस्तक्षेप सरकार में नहीं होना चाहिए. इसमें कोई दो राय नहीं है.

सिंधिया ने आगे कहा, ‘सरकार को स्वतंत्र होकर कार्य करना चाहिए. जो मुद्दे आए हैं, उस पर मुख्यमंत्री को मंत्री उमंग सिंघार की भी बात सुननी चाहिए और जो सत्य है उसपर भी कार्रवाई होनी चाहिए.’

बता दे प्रदेश के वन मंत्री सिंघार ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह प्रदेश में कांग्रेस सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं. इससे पहले रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिंघार ने दावा किया था कि दिग्विजय प्रदेश में कमलनाथ सरकार को ‘अस्थिर’ करने की कोशिश कर रहे हैं.

सिंधिया ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 साल के बाद कांग्रेस की सरकार बनी है. इस सरकार को बनाने में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसलिए मेहनत की थी कि एक नया मध्यप्रदेश बनाएंगे और उसी के अनुरूप काम होना चाहिए.

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंत्रियों को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, जो वायरल हो गया था. इससे वन मंत्री सिंघार नाराज थे. इसके बाद उन्होंने दिग्विजय पर शराब कारोबारियों, अवैध खनन करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था. इस पर राज्य सरकार के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने सिंघार को आड़े हाथों लिया था. मामले के तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हस्तक्षेप किया. मुख्यमंत्री से सिंघार की मंगलवार रात मुलाकात हुई थी.

सिंघार बुधवार दोपहर मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री कमलनाथ व प्रदेश प्रभारी बावरिया से बात हो गई है. उनके सामने अपनी बात रख दी है, अब उन्हें कुछ नहीं कहना है.

Share this Article