Google Analytics —— Meta Pixel

कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप को नहीं मिली राहत, राष्ट्रपति पद शपथ से पहले सजा का एलान

News Desk
3 Min Read

न्यूयार्क। अमेरिका में चुप रहने के लिए पोर्न स्टार को धन देने के मामले में निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को न्यूयार्क के हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। गुरुवार को न्यूयार्क के ट्रायल कोर्ट से सजा का एलान रुकवाने की ट्रंप की याचिका को हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।

ट्रंप के खिलाफ आज होगा सजा का एलान
अंतिम प्रयास के तहत ट्रंप अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, वहां पर शुक्रवार प्रात: उनकी याचिका पर सुनवाई होगी। विदित हो कि न्यूयार्क के मैनहटन ट्रायल कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप को सजा सुनाने की घोषणा पहले ही की हुई है।

पोर्न स्टार को पैसे देने का आरोप
ट्रंप द्वारा पोर्न स्टार स्टार्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए 1,30,000 डालर की धनराशि देने के मामले से संबंधित रिकॉर्ड गुरुवार को हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया गया।
सरकारी वकील ने मैनहटन कोर्ट का पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद ट्रंप के वकीलों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सजा के एलान को रोकने से इन्कार कर दिया। इस बीच मैनहटन कोर्ट के न्यायाधीश जुआन मर्चन ने संकेत दिया है कि वह ट्रंप को कारावास की सजा देने की जरूरत महसूस नहीं कर रहे हैं।

ट्रंप के लिए कारावास की सजा का एलान हो सकता है
बताया गया है कि 2006 में बने संबंधों के लिए डेनियल्स को 2016 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले धन का भुगतान किया गया था। उस चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत हुई थी और वह राष्ट्रपति बने थे। शुक्रवार को अगर ट्रंप के लिए सजा का एलान होता है तो वह आपराधिक मामले में सजा पाए अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति और निर्वाचित राष्ट्रपति होंगे। अगर ट्रंप के लिए कारावास की सजा का एलान नहीं होता है तो उन्हें 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद शपथ लेने में कोई कानूनी दिक्कत नहीं आएगी।

सुप्रीम कोर्ट में कही थी ये बात
20 जनवरी को ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और उसके बाद उनके खिलाफ चलने वाले मामलों पर स्वत: रोक लग जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में ट्रंप के वकीलों ने कहा था कि बड़े अन्याय को रोकने और राष्ट्रपति पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले को रोकने के लिए अविलंब आदेश दिया जाए। ट्रंप के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने मामले को रद करने की मांग की है। इस बीच न्यायाधीश मर्चन ने संकेत दिया है कि वह निर्वाचित राष्ट्रपति को कारावास की सजा सुनाने या अर्थदंड लगाने या अन्य कोई मुश्किल सजा सुनाने नहीं जा रहे हैं।

Share this Article