Google Analytics —— Meta Pixel

Mahashivratri 2024 Date: साल 2024 में महाशिवरात्रि कब है ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त और विधि

NEWSDESK
3 Min Read

MahaShivratri 2024 Date: शिव साधना के लिए महाशिवरात्रि पर्व बहुत खास होता है. मान्यता है इस दिन शिवलिंग में शिव वास करते हैं. जानें 2024 में शिवरात्रि की डेट, मुहूर्त और रात्रि पहर पूजा का समय

MahaShivratri 2024: फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है.शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का त्योहार बहुत महत्वपूर्ण होता है. हर साल भोलेनाथ के भक्तों को महाशिवरात्रि का बेसब्री से इंतजार रहता है.

महाशिवरात्रि शिव पूजा के लिए श्रेष्ठ दिन माना गया है. ये शिव और शक्ति के मिलन का दिन है. आइए जानते हैं अगले साल 2024 में महाशिवरात्रि की डेट, पूजा मुहूर्त.

महाशिवरात्रि 2024 डेट (MahaShivratri 2024 Date)

8 मार्च 2024 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. इस दिन सुबह से लेकर रात्रि जागरण कर शिव पूजा का विधान है. दक्षिण भारतीय पञ्चाङ्ग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महा शिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है. उत्तर भारतीय पञ्चाङ्ग के अनुसार, फाल्गुन माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि को महा शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है.

महाशिवरात्रि 2024 मुहूर्त (MahaShivratri 2024 Muhurat)

पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 8 मार्च 2024 को रात 09.57 से शुरू होगी और अगले दिन 09 मार्च 2024 को शाम 06.17 मिनट पर समाप्त होगी. चूंकि शिवरात्रि की पूजा रात में होती है इसलिए इसमें उदयातिथि देखना जरुरी नहीं है.

  • निशिता काल मुहूर्त – प्रात: 12.07 – प्रात: 12.55 (9 मार्च 2024)
  • व्रत पारण समय – सुबह 06.37 – दोपहर 03.28 (9 मार्च 2024)

महाशिवरात्रि 2024 चार प्रहर मुहूर्त (Mahashivratri 2024 Char Prahar Puja Time)

  • रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 06:25 – रात 09:28
  • रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – रात 09:28 – 9 मार्च, प्रात: 12.31
  • रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – प्रात: 12.31 – प्रात: 03.34
  • रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – प्रात: 03.34 – प्रात: 06:37

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है (Mahashivratri Significance)

महाशिवरात्रि का पर्व दो महत्वपूर्ण कारणों से विशेष है. कहते हैं कि इस तिथि पर महादेव ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था. इस दिन रात में शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. वहीं दूसरी मान्यता अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवजी पहली बार प्रकट हुए थे. शिव का प्राकट्य ज्योतिर्लिंग यानी अग्नि के शिवलिंग के रूप में था. महाशिवरात्रि के दिन ही शिवलिंग 64 अलग अलग जगहों पर प्रकट हुए थे. मान्यता है इस दिन शिव पूजा करने से समस्त संकट दूर हो जाते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Share this Article