Google Analytics —— Meta Pixel

जब मंत्री हो दुकानदार तो ग्राहकों की भीड़ क्यों न लगे

News Desk
2 Min Read

कैलाश विजयवर्गीय अपनी पैतृक दुकान पर बैठे 

इंदौर ।  यह कोई सामान्य दुकानदार नहीं है यह है मप्र के नगरीय प्रशासन, विकास व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। जो धनतेरस के दिन वर्षों से अपनी काकी जी की दुकान पर ग्राहकी करते है और बाकायदा सामान बेचते हैं। जब कैलाश जी इंदौर के नंदा नगर में स्थित अपनी दुकान पर बैठते हैं तो हजारों लोग सामान लेने दुकान पर आते है और मंत्री जी खरीदारी करके खुश होते हैं। फोटो खिंचाते हैं सेल्फी भी लेते हैं। मंत्री जी यहां उदारता भी दिखाते है वह छोटे छोटे बच्चों को टाफी, बिस्कुट उपहार में देते हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री व दिग्गज भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय की दुकार पर बैठने की यह परंपरा वर्षों पुरानी है। उनके पिताजी स्व. शंकरदयाल विजयवर्गीय ने मिल की मजदूरी करते हुये गली नंबर 9 नंदा नगर में घर के बगल में दुकान खोली थी। जहां कैलाश जी की माताजी काकी जी दुकान पर बैठ जाती थी। आज भी इस व्यस्त युग में कैलाश जी के भाई विजय प्रकाश विजयवर्गीय दुकान चलाते हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देश में कहीं भी हो धनतेरस पर इंदौर आ जाते है और अपने घर के पास बनी दुकान पर जाकर दुकानदारी करते हैं। मजे की बात यह है कि ग्राहकों को भी कैलाश जी से खरीदारी करने का शौक है, जब वह बैठते है तो भारी भीड़ लग जाती है, तब उनके परिजन व मित्र मंडली व्यवस्था बनाते है। वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने इस संदर्भ में दूरभाष पर चर्चा में कहा कि वह दिनभर से दुकान पर बैठकर ग्राहकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई कार्यक्रम, उदघाटन, शुभारंभ नहीं। केवल मैं दुकानदारी कर रहा हूं और मुझे अपनी पैतृक दुकान पर बैठकर बेहद आनंद मिलता है। 

Share this Article