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UP में इस बार कितनी सीटें लाएगी BJP, क्या होगा NDA का हाल? लोकसभा चुनाव रिजल्ट को लेकर अमित शाह का बड़ा दावा

NEWSDESK
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केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ सांसद अमित शाह से उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने बड़ा दावा किया.

दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. देश के इस सबसे बड़े राज्य में लोकसभा की 80 सीटें हैं. ऐसे में यह राज्य अगला प्रधानमंत्री तय करने में सबसे बड़ी भूमिका भी निभाता है. केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को 2014 और फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत दिलाने में इस राज्य का बहुत बड़ा योगदान था. ऐसे में सभी की निगाहें इस बार भी यहां बीजेपी के प्रदर्शन पर टिकी हैं. ऐसे में नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर इन चीफ राहुल जोशी ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ सांसद अमित शाह से यहां पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने यहां पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ने का दावा किया.

अमित शाह ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सीटें बढ़ेंगी. इस दावे पर उनसे जब विस्तार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ अच्छा रहा तो 80 की 80 सीटें बीजेपी की हो सकती हैं.’

स पर अमित शाह से जब पूछा गया, ‘इसका मतलब आप अखिलेश जी को कन्नौज में हराएंगे, डिंपल यादव को मैनपुरी में हराएंगे. उनकी पूरी फैमिली फिरोजाबाद, आजमगढ़, बदायूं सब जगह?’ तो उन्होंने कहा, ‘मैंने संभावना कहा है कि हम 80 की 80 जीत सकते हैं. हमारी सीटों में बढ़ोतरी होना निश्चित है.’

अमित शाह को बीजेपी के चाणक्य की संज्ञा दी जाती है. लोग उनके चुनाव पूर्वानुमान पर बहुत दिनों तक बात करते हैं कि अमित शाह ने पहले ये बोला था जो सही साबित हुआ. ऐसे में यूपी को लेकर उनका यह अनुमान इस बार भी सही हुआ तो बीजेपी 2014 का अपना रिकॉर्ड तोड़ सकती है, जब पार्टी ने 71 और एनडीए ने कुल मिलाकर 73 सीटें अपने नाम की थीं. वहीं सपा के खाते में 5 सीटें गई थीं, जबकि कांग्रेस महज 2 सीटों पर सिमट पर रह गई थी.

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 62 और एनडीए की उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेवाल) को 2 सीटें मिली थीं. वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमटी बसपा ने 10 सीटें अपने नाम की थीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं कांग्रेस को महज रायबरेली की सीट पर जीत मिली. पिछले चुनाव में सपा-बसपा और राष्ट्रीय लोकदल ने मिलकर चुनाव लड़ा था, जबकि इस बार सपा का कांग्रेस से गठबंधन है. इस बार आरएलडी एनडीए में शामिल हो चुकी है. वहीं मायावती की बहुजन समाज पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है.

 

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