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सौम्या चौरसिया पर आय से अधिक संपत्ति का शिकंजा, EOW ने दाखिल की 8000 पेज की चार्जशीट

News Desk
3 Min Read

रायपुर
 छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नौकरशाह सौम्या चौरसिया के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर की गई। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत 8000 पन्नों की चार्जशीट को  माननीय विशेष न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया।

राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की 2008 बैच की अधिकारी चौरसिया, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार (2018-2023) में मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर कार्यरत थीं। अधिकारियों ने बताया कि चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। इसके साथ ही कोयला, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) और अन्य घोटाले मामलों में भी चौरसिया आरोपी रहीं हैं।

परिजनों के नाम पर करोड़ों का निवेश
अधिकारियों ने बताया, 'सौम्या चौरसिया पर अपने परिवारजनों और परिचित व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश करने का आरोप है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298 रूपए की अवैध कमाई की है।'

इनकम से हजारों गुना अधिक संपत्ति का खुलासा
अधिकारियों ने बताया कि सौम्या चौरसिया की पहली नियुक्ति बिलासपुर जिले की डेप्युटी कलेक्टर के रूप में हुई थी। इससे पहले वह वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं। 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175 रुपये थी। वहीं, उनका लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार सौम्या चौरसिया ने अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की।

अब तक का सबसे बड़ा केस
ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा केस है। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। पिछले महीने, ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में चौरसिया की आठ करोड़ रुपये मूल्य की 16 संपत्तियां कुर्क की थीं।

 

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