Google Analytics —— Meta Pixel

जवानों के सोशल मीडिया अकाउंट बने खतरा, ऑपरेशन स्ट्रेटेजी लीक होने पर उठाया कदम

News Desk
2 Min Read

जगदलपुर

माओवादी मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों की रणनीतिक गोपनीयता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया गया है। माओवाद प्रभावित जिलों में तैनात सुरक्षा बल के जवानों को इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। जिससे की किसी भी प्रकार की ऑपरेशन जानकारी लीक न हो सके।

बता दें कि बस्तर संभाग के सातों माओवादी प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर में तैनात डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड), एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स) के जवानों के सभी इंटरनेट मीडिया अकाउंट अब डिलीट करा दिए गए हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे किसी भी प्लेटफार्म से दूरी बनाए रखें और भविष्य में कोई भी ऑपरेशनल जानकारी साझा न करें।

इस निर्णय के पीछे मुख्य वजह पिछले दिनों हुए ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का इंटरनेट मीडिया के ज़रिए लीक होना, बताया जा रहा है। माओवादी कमांडर बसव राजू के मारे जाने के बाद जवानों द्वारा पोस्ट किए गए आपरेशनल वीडियो मिलियन्स में व्यूज बटोर रहे थे, जिनमें हथियार, जंगल मार्ग, मुठभेड़ स्थल और यहां तक कि घायल या मारे गए माओवादियों की तस्वीरें भी शामिल थीं। इससे मिशन की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था।

जवानों को दी जा रही काउंसलिंग
जवानों को साइबर सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर विशेष काउंसलिंग भी दी जा रही है ताकि वे अनजाने में भी कोई संवेदनशील जानकारी साझा न करें। यह कदम माओवादी विरोधी अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने और जवानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में लिया गया निर्णायक निर्णय है।

ऑपरेशन में सीमित होगा मोबाइल उपयोग
ऑपरेशन के दौरान मोबाइल उपयोग भी सीमित कर दिया गया है। जवान केवल आपातकालीन या आधिकारिक संपर्क के लिए ही फोन का प्रयोग कर सकेंगे। वीडियो बनाना, फोटो लेना और रिकार्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।आपरेशन के बाद मोबाइल की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है।

Share this Article