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सैलजा ने साधा निशाना कहा- एचकेआरएन कर्मचारियों के साथ वायदा खिलाफी कर रही है सरकार

News Desk
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नई दिल्ली। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि एक ओर जहां मुख्यमंत्री हरियाणा ने एचकेआरएन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से न हटाने का वायदा किया था और अधिसूचना जारी कर जॉब सिक्योरिटी दी थी आज वहीं सरकार भर्ती किए गए नए कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए पहले से कार्यरत कर्मचारियों को निकालने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन वायदा याद दिलाते हुए न्याय की गुहार कर रहे है पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, भाजपा को वोट देने वाला युवा आज पछता रहा है।
कुमारी सैलजा ने एक बयान में कहा है कि 19 नवंबर 2024 को हरियाणा में कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों को नायब सिंह सैनी सरकार ने कथित बड़ी सौगात देते हुए हरियाणा विधानसभा में जॉब गारंटी विधेयक पारित करवाया था। जिसे हर भाजपा नेता ने ऐतिहासिक कदम बताया था। सीएम ने भी दावा किया था कि उन्होंने 120000 युवाओं से किया गया  वादा पूरा किया। कहा गया कि पहले ठेकेदारों के जरिए लगने पर युवाओं के भविष्य पर तलवार लटकी रहती थी, ठेकेदार बदलने पर उनके भविष्य पर भी खतरा पैदा हो जाता था। कुमारी सैलजा ने कहा कि एचकेआरएन में 37404 यानि 28 प्रतिशत कर्मचारी अनुसूचित जाति के 41376 कर्मचारी यानि 32 प्रतिशत कर्मचारी पिछड़ा वर्ग से हैं। पर सरकार की वायदा खिलाफी के चलते इनकी जॉब पर खतरा मंडरा रहा है।  
कुमारी सैलजा ने कहा कि नरवाना, चरखी दादरी, रोहतक सहित कई जिलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार और अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना नोटिस के नौकरी से निकल दिया। ये कर्मचारी न्याय की उम्मीद में दफ्तरों के चक्कर लगा रहे है पर अधिकारी तो अधिकारी भाजपा के विधायक, मंत्री तक कोई सुनवाई नहीं कर रहे है और न ही इन कर्मचारियों की सरकार के समक्ष पैरवी कर रहे हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि अधिकतर कर्मचारी एचकेआरएन के तहत नौकरी पाने पर उनके नाम बीपीएल सूची से कट गए थे, आज वे  कहीं दूसरी जगह नौकरी मांगने जाएंगे तो वहां भी नहीं मिलेगी। सैलजा ने कहा कि सरकार को अपना वायदा निभाते हुए किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाना चाहिए, जो पद आज भी रिक्त पड़े है उन पर नए भर्ती किए गए युवाओं को नियुक्ति दी जाए।

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