Google Analytics —— Meta Pixel

Railway DRM Naukri: रेलवे में DRM कैसे बने, कितना मिलेगा पैसा? जानें क्या-क्या होती है सुविधाएं

NEWSDESK
5 Min Read

Railway DRM Naukri: अक्सर आप में से कई लोगों की ट्रेन स्टेशन पर देरी से पहुंचने की वजह से छूट की गई होगी. ऐसे समय में बातचीत के दौरान आप में से अधिकांश लोग सुने होंगे कि काश मैं DRM होता तो ट्रेन को थोड़ा देर और रुकवा सकता था. आप लोगों ने इस नाम को तो सुना ही है लेकिन क्या आपको पता है कि यह पद है क्या और इसका काम क्या होता है. कैसे इस पद पर चयन होता है और कितनी सैलरी (Railway DRM Salary) मिलती है? अगर नहीं, तो इन तमाम बातों को नीचे विस्तार से पढ़ सकते हैं…

Railway DRM Naukri: अक्सर आप में से कई लोगों की ट्रेन स्टेशन पर देरी से पहुंचने की वजह से छूट की गई होगी. ऐसे समय में बातचीत के दौरान आप में से अधिकांश लोग सुने होंगे कि काश मैं DRM होता तो ट्रेन को थोड़ा देर और रुकवा सकता था. आप लोगों ने इस नाम को तो सुना ही है लेकिन क्या आपको पता है कि यह पद है क्या और इसका काम क्या होता है. कैसे इस पद पर चयन होता है और कितनी सैलरी मिलती है? इन तमाम बातों को आगे हम विस्तार से बताने जा रहे हैं….

भारत में रेलवे का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है. इसका नियंत्रण भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय द्वारा किया जाता है. इस मंत्रालय में एक पद होता है, जिसे DRM कहा जाता है. DRM को डिवीजनल रेलवे मैनेजर (Divisional Railway Manager) या मंडल रेल प्रबंधक भी कहा जाता है. मंत्रालय भारतीय रेल के संचालन के लिए इसे कई जोन में बांट रखा है. इसके बाद इन जोन को कई मंडल में अलग-अलग किए गए हैं. हर मंडल का अपना एक मुख्यालय भी है. फिलहाल अभी भारतीय रेलवे में 18 जोन और 70 मंडल हैं. इन्हीं 70 मंडलों में DRM की नियुक्ति की जाती है.

Railway DRM का काम
DRM यानी डिवीजनल रेलवे मैनेजर रेलवे का एक एडमिनिस्ट्रेटिव प्रमुख या एक्जीक्यूटिव ऑफिसर होता है. यह रेलवे से संबंधित सभी तरह की जिम्मेदारियों के लिए जिम्मेदार होता है. इसका काम प्रतिदिन ट्रेन के संचालन, ट्रैक के रखरखाव, स्टेशन भवन आदि का ध्यान रखना होता है. इसके अलावा रोजाना DRM अपने क्षेत्र के जनरल मैनेजर या महाप्रबंधक (GM) को रिपोर्ट करना होता है.

Railway DRM बनने की योग्यता (Eligibility)
DRM यानी डिवीजनल रेलवे मैनेजर बनने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना चाहिए. इसके बाद उम्मीदवारों को Indian Engineering Service Exam या फिर सिविल सर्विस एग्जाम को देना होता है. इन परीक्षाओं के पास करने के बाद उन्हें रैंक के अनुसार इंडियन रेलवे की ग्रुप ए सर्विसेज (IRSE, IRSME, IRSSE, IRSEE, IRSS, IRTS, IRAS और IRPS) में से किसी एक में चयन किया जाता है.

उम्मीदवारों को इन पद पर 2 साल की ट्रेनिंग के बाद प्रोबेशन जूनियर स्केल ऑफिसर के तौर पर असिस्टेंट इंजीनियर या असिस्टेंट पर्सनल ऑफिसर के पदों पर प्रमोट किया जाता है. इसके दो साल बाद सीनियर स्केल ऑफिसर के रूप में प्रमोशन दिया जाता है. तीन साल बाद जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है. इसके बाद 10 से 15 साल में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड ऑफिसर पर प्रमोट किया जाता है. वहीं इसके बाद ADRM (Additional Divisional Railway Manager) का पद दिया जाता है. ADRM के पद पर 4 से 5 साल काम करने के बाद DRM यानी डिवीजनल रेलवे मैनेजर बनने के लिए योग्य हो जाते हैं.

Railway DRM की कितनी होती है सैलरी (Railway DRM Salary)
DRM की सैलरी ग्रेड पे 10000 के तहत पे बैंड 37400-67000 के अंतर्गत लगभग मूल वेतन 68610 रुपये प्रतिमाह होती है. इसके साथ ही इन हाई सैलरी के साथ ही आवास, वाहन जैसी सुविधाएं भी दी जाती है. DRM रेलवे विभाग का एक हाई पोस्ट है. इसीलिए रेलवे ऑफिसर को अच्छी सैलरी के साथ कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती है.

Share this Article