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आईपीएल ऑक्शन में पृथ्वी शॉ की नीलामी नहीं हुई

News Desk
3 Min Read

पृथ्वी शॉ को अपनी लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी है. उन्हें उसके चलते सजा भुगतनी पड़ी है. और, सजा भी ऐसी मिली कि 8 करोड़ रुपये का चूना ही लग गया. पृथ्वी शॉ का गुनाह क्या है? यही सोच रहे हैं ना आप. ये भी सोच रहे होंगे कि सजा क्या मिल गई? दरअसल, आईपीएल ऑक्शन में जिन वजहों से वो चर्चा में रहे हैं वही उनकी सजा है. गलती इतनी थी कि उन्होंने अपने खेल में लापरवाही बरती. फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया और दिल्ली कैपिटल्स में मिले मौकों को अच्छे से भुनाया नहीं, जिसका खुलासा दिल्ली फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे मोहम्मद कैफ ने भी किया है.

पृथ्वी शॉ को लगा 8 करोड़ रुपये का चूना!

IPL 2025 के ऑक्शन में चुनना तो दूर उन पर बोली तक नहीं लगाई. जी नहीं, दिल्ली कैपिटल्स ने भी नहीं, जिससे वो 2018 से लगातार जुड़े रहे थे. ऐसा तब हुआ जब पृथ्वी शॉ ने अपनी बेस प्राइस सिर्फ 75 लाख रुपये रखी थी. अब इससे बड़ी शर्मिंदगी क्या होगी? इससे बड़ी सजा क्या होगी? किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी का हिस्सा नहीं बनने के चलते पृथ्वी शॉ को 8 करोड़ रुपये का चूना लगा है. ये वो रकम है जो पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स से उन्हें मिल रहे थे.

शॉ के लिए शर्मनाक स्थिति- कैफ

पृ्थ्वी शॉ के ऑक्शन में अनसोल्ड रहने को मोहम्मद कैफ ने उनके लिए शर्मिंदगी वाली बात बताई है. कैफ ने जियो सिनेमा से बात करते हुए कहा कि शर्म आनी चाहिए कि उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला. उन्होंने शॉ को लेकर तब के अनुभव शेयर किए जब वो दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग पैनल में होते थे. कैफ ने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें काफी सपोर्ट किया है. वो इकलौते ऐसे प्लेयर हैं जो इस बात की शिकायत नहीं कर सकते कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला.

शॉ ने कैसे अपने लिए हालात बिगाड़े, कैफ की बातों से समझें

कैफ ने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स ने शॉ को प्लेइंग इलेवन में लगातार मौके दिए, इसके बावजूद भी वो टीम में अपनी जगह नहीं पक्की कर सके. कैफ ने इसे समझाने के लिए टीम सेलेक्शन से जुड़ा किस्सा भी बताया. उन्होंने कहा कि रात में हम डिसाइ़ड करते थे कि पृथ्वी शॉ को प्लेइंग इलेवन में नहीं रखेंगे. लेकिन फिर अगले दिन मैच से पहले हमें अपना फैसला बदलना पड़ता था क्योंकि हम ये सोचते थे कि हो सकता है कि वो बड़ी पारी खेल जाएं. अगर वो चले तो फिर जीत भी पक्की. लेकिन इस उम्मीद पर वो कभी खरे नहीं उतरे.

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