Google Analytics —— Meta Pixel

3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान….

News Desk
2 Min Read

रायपुर: विष्णुदेव साय सरकार की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के खेत-खलिहानों में नई उम्मीदों की फसल बो दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की मुस्कान लौटा दी है।
गौरेला विकासखंड के आंदु ग्राम के किसान मनमोहन सिंह राठौर ने बताया कि इस साल उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा मूल्य मिला है। ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप से उन्होंने घर बैठे ही खरीदी का टोकन प्राप्त किया। अब सोसायटियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना नहीं पड़ता। मनमोहन सिंह कहते हैं, “इस सुविधा ने हमारा समय और मेहनत दोनों बचाया है। सरकार ने सचमुच किसानों की तकलीफ को समझा है।”

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 206 क्विंटल धान बेचा था और इस बार 10 एकड़ खेत में उगाई फसल से पहली खेप में 100 क्विंटल धान गौरेला केंद्र में जमा किया है। इस आमदनी से वे रबी सीजन में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द जैसे दलहन-तिलहन फसलें बोने की तैयारी कर रहे हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में खरीदी का सिलसिला तेजी से जारी है। 17 नवंबर को दूसरे दिन जिले के 14 केंद्रों में कुल 2252 क्विंटल धान की खरीदी हुई, धनौली केंद्र में सबसे अधिक 510.40 क्विंटल धान खरीदा गया। यह आँकड़ा बताता है कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और विश्वसनीय भुगतान ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।

 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान

गांवों में अब हर ओर खुशी की लहर है, किसानों को सरकार पर विश्वास है, और खेतों में फिर मेहनत का जोश है। समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी और भुगतान व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी रौनक ला दी है। सरकार की पारदर्शी नीति और कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

Share this Article