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झारखंड में अगले 5 दिन बरसात से भरे, जानें किन इलाकों में होगी भारी बारिश

News Desk
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बंगाल की खाड़ में बने लो-प्रेशर का असर एक बार फिर राजधानी समेत राज्यभर में देखने को मिलेगा। जिसे लेकर अगले पांच दिनों तक राज्यभर में बारिश होने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश होने की संभावना है। वहीं, इसका असर राजधानी में देखने को नहीं मिलेगा। 16 से 18 अक्टूबर तक बादल छाए रहने का अनुमान है। इससे न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा।

कहां-कहां होगी बारिश?

मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि लो-प्रेशर का सबसे अधिक असर सरायकेला-खारसावां के खरसेमा में देखने को मिलेगा। सोमवार को राज्यभर में मौसम शुष्क रहेगा। मंगलवार को राज्य के दक्षिणी भाग पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सराईकेला-खरसावां में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी।

बुधवार को दक्षिण एवं निकटतम क्षेत्रों में बारि होगी। गुरुवार को दक्षिणी भाग और शुक्रवार को भी दक्षिणी भागों में बारिश होने की संभावना है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

शनिवार को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बादल आंशिक रूप से छाये रहेंगे। वहीं, पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान देवघर में रिकार्ड किया गया। जबकि सबसे न्यूनतम तापमान राजधानी रांची में दर्ज किया गया।

वर्षा के साथ होगी मानसून की विदाई

दुर्गापूजा के साथ लगभग मानसून की विदाई भी अंतिम पड़ाव पर है। वहीं, 18 अक्टूबर को मानसून की अंतिम वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद से शहर के तापमान में गिरावट देखने को मिलने लगेगा।

वर्तमान में शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस है लेकिन अगले चार से पांच दिनों के अंदर दो से तीन डिग्री तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।

हालांकि, रात के दौरान अभी से ही शहर में ठंड का अहसास होने लगा है। रात में कूलर व एयर कंडीशन चलाकर सोने वाले लोगों की संख्या भी अब कम होने लगी है। ऐसे में मौसम में जल्द ही आपको बदलाव देखने को मिलेगा।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश में सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इससे पूर्व देश को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा है। ऐसे में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने अक्टूबर और नवंबर माह के बीच ला नीना के एक्टिव होने की भी संभावना जताई है। इससे तापमान में कमी देखने को मिलेगी।
 

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