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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से महिला उपभोक्ता बन रही ‘ऊर्जा दाता’: श्रीमती वीणा त्रिपाठी ने लगाया 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप, केंद्र और राज्य सरकार की डबल सब्सिडी से मिला लाभ…..

News Desk
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रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम नागरिकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। यह योजना अब महिलाओं को भी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बना रही है। बेमेतरा शहर के बस स्टैंड क्षेत्र की निवासी श्रीमती वीणा त्रिपाठी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर न केवल बिजली बिल में राहत पाई, बल्कि अब वे स्वयं ‘ऊर्जा दाता’ बन गई हैं। सिर्फ एक माह में उनके सोलर प्लांट ने 300 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने से उन्हें आय का भी लाभ मिलेगा। “अब हर माह बिजली बिल की चिंता खत्म हो गई है, बल्कि सौर ऊर्जा से होने वाली आमदनी परिवार की बचत में सहायक है,” श्रीमती त्रिपाठी ने मुस्कुराते हुए कहा।डबल सब्सिडी से दुगुना लाभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार से ₹78,000 तथा राज्य सरकार से ₹30,000 की सब्सिडी प्राप्त होती है। इस प्रकार उपभोक्ता को कुल ₹1,08,000 की आर्थिक सहायता मिलती है। डबल सब्सिडी के कारण अब उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया है, जिससे बिजली पर निर्भरता घट रही है। हर घर बनेगा ऊर्जा उत्पादन केंद्र श्रीमती त्रिपाठी का कहना है कि “यदि हर घर इस योजना का लाभ उठाए, तो बेमेतरा जिला स्वयं बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकता है।” उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल बिजली बिल में राहत देती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान सुनिश्चित करती है।

योजना का लाभ कैसे लें

योजना का लाभ लेने के लिए नागरिक पोर्टल पर जाकर अपनी बिजली उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद अधिकृत वेंडर का चयन कर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को वेंडर बदलने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सार्थक पहल

केंद्र एवं राज्य सरकार की यह संयुक्त पहल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है। “हर घर सौर – हर घर रोशन” का लक्ष्य अब साकार हो रहा है, और श्रीमती वीणा त्रिपाठी जैसी प्रेरक महिलाएं इस परिवर्तन की मिसाल बन रही हैं।

मुख्य बिंदु 

केंद्र और राज्य सरकार से कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी, 3 किलोवाट सोलर रूफटॉप से प्रति माह 300+ यूनिट उत्पादन, बिजली बिल से राहत और अतिरिक्त आमदनी का अवसर, महिला

उपभोक्ता बनीं ‘ऊर्जा दाता’

आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम

योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

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