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MP Weather: उज्जैन-खंडवा समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होने की संभावना

NEWSDESK
4 Min Read

MP Weather Update: मध्य प्रदेश के उज्जैन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर दिखाई दिया. मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को जल्द कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं इससे पहले मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई थी.

मध्य प्रदेश में मौसम में परिवर्तन के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है. अरब सागर से गुजर रही टर्फ लाइन के कारण स्ट्रांग सिस्टम बनने से गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में इसका असर दिख रहा है. मध्‍य प्रदेश के कई जिलों में रविवार को बारिश का दौर दिखा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. वहीं बारिश के बाद अब अगले कुछ दिनों में सर्दी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है. उज्जैन, इंदौर, धार, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, झाबुआ और मंदसौर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. कई जिलों में सुबह से घने बादल छाए रहने के साथ ही देर शाम मौसम में करवट बदलने से बारिश का दौर शुरू हो गया.

उज्जैन में सुबह से ही घने बादल छाए हुए थे, लेकिन देर शाम होते ही मौसम ने ली करवट और बारिश का दौर शुरू हो गया. वहीं खंडवा में रात के समय तेज बारिश की वजह से सड़कों से पानी बह निकला. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात की वजह से रबी सीजन का पहला मावठा गिरा है. बुरहानपुर में बेमौसम बारिश से सड़के तरबतर हो गई. मौसम में अधिक मात्रा में ठंडक घुल गई, जिसके बाद सर्द हवाएं चलने लगी और ठिठुरन भी शुरू हुई.

खरगोन में सबसे अधिक बारिश
रविवार को प्रदेश के कई शहरों में बारिश दर्ज की गई. खरगोन में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई, जहां करीब 24 मिमी तक बारिश हो गई. इसके अलावा रतलाम में 18 मिमी, इंदौर और धार में 7 मिमी और उज्जैन में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई. प्रदेश में रविवार सुबह से बादल छाए रहने के बाद शाम तक बरसते नजर आए. इस दौरान उज्जैन जिले में करीब 25 मिनट हल्की से तेज बारिश हुई, जिससे शहर की सड़कें गीली हो गई.

पश्चिमी विक्षोभ का दिख रहा असर
बता दें, मौसम विभाग ने इससे पहले प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की थी. उत्तर भारत से एक्टिव होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में दिखाई दिया. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मौसम का यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से एक ट्रफ लाईन गुजरने के कारण है. सिस्टम स्ट्रांग होने से गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में इसका असर दिख रहा है.

फसलों को लेकर कृषि विभाग ने दी ये सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि खरीफ की फसल कटाई के बाद खुले में है तो बचाव की व्यवस्था करें. साथ ही ये भी कहा कि अगर ओलावृष्टि नहीं होती है तो ये बारिश रबी फसलों को लाभ पहुंचाएगी. हालांकि कुछ अलग किस्म की फसलों के खराब होने का डर भी किसानों को सताने लगा है. वहीं गेंहू और चना की फसल को बारिश से कुछ राहत जरूर मिलेगी. दूसरी ओर बारिश से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने का भी खतरा मंडराने लगा है.

 

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