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MP : पूरी ईमानदारी से निभाया किसानों की कर्जमाफी का वादा : कमलनाथ

NEWSDESK
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भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आज कर्जमाफी को लेकर दिल्ली में ली गई पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा को झूठ बोलने में महारत हासिल है।  भाजपा के नेता लगातार किसानों की कर्जमाफी पर झूठ परोसकर प्रदेश के भोले-भाले किसान भाइयों को गुमराह करने का एजेंडा लिए फिर रहे हंै। कमलनाथ ने कहा कि वैसे तो भाजपा को व खुद शिवराज सिंह को किसानों पर और उनकी कर्ज माफी पर बात तक करने का हक नहीं है क्योंकि इनके शासनकाल में किसानों की दुर्दशा किसी से छिपी हुई नहीं थी। जिनके राज में किसानों का 1 रुपये तक  का कर्ज माफ नहीं हुआ, जिन के राज में किसान कर्ज के दलदल में दबकर निरंतर आत्महत्या करते रहे, जिनके राज में प्रदेश किसानों की आत्महत्याओं में देश में शीर्ष प्रदेशों में शामिल रहा, जिनके राज में हक मांगने पर किसानों के सीने पर गोलियां तक दागी गईं, जिनके राज में किसानों का कर्ज माफी पर मजाक उड़ाया जाता रहा, वह आज किस मुंह से किसानों की कर्जमाफी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं? कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 6 जून 2018 को मंदसौर की पिपलिया मंडी में किसानों की आमसभा में वादा किया था कि हमारी सरकार बनने पर 10 दिन के अंदर किसानों की 2 लाख तक के कर्ज माफ करेंगे। उसी वादे के अनुरूप मैंने 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के 1 घंटे के अंदर किसानों की ऋण माफी के आदेश पर हस्ताक्षर किए। 9 मार्च तक हमने 23 लाख 48 हजार किसानों के कर्ज माफ कर दिए। शेष बचे किसानों के कर्ज हम आचार संहिता के बाद माफ करेंगे, यह हमारा वचन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भाजपा की तरह न झूठ बोलते हैं न झूठ परोसते हैं।  बेहतर होता शिवराज सिंह चौहान दिल्ली जाकर झूठ परोसने की बजाए मेरे पास आकर कर्जमाफी वाले 23 लाख 48 हजार किसानों की प्रमाणित जिलेवार सूची ले जाते। उसका अध्ययन करते तो शायद उन्हें झूठ परोसने की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि वह भी इस ऐतिहासिक निर्णय पर हमारी सरकार का आभार मान रहे होते। कमलनाथ ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि बहुत हो गया है अब भोले-भाले किसान भाइयों को कर्जमाफी पर झूठ परोसना, गुमराह करना बंद करे, अपनी झूठी राजनीति से बाज आये।

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