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मयाली नेचर कैंप एवं ईब नदी पर बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन…

News Desk
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रायपुर: भारत शासन गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जशपुर के संयुक्त तत्वाधान में मयाली नेचर कैम्प एवं ईब नदी पर हस्तिनापुर पुल में बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के अभ्यास हेतु एकदिवसीय राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक आभाषी आपदा का संभावित परिदृश्य बनाकर बाढ़, जलभराव आदि के समय प्रभावित लोगों के बचाव के मानक संचालन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

आपदा के समय आवश्यक तैयारियों एवं मानक संचालन प्रक्रिया का किया गया अभ्यास

इस राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल में विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर सेना, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग डीडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रूप से बचाव प्रक्रिया का अभ्यास एवं प्रदर्शन किया गया। जिसमें बाढ़ के समय जल स्त्रोतों में फसें लोगों, पेड़ पर फंसे लोगों, सड़क में जल भराव, डूबते व्यक्ति के बचाव जैसी परिस्थितियां बनाकर उसमें 09 लोगों के बचाव का कार्य किया गया।

आपदा के समय आवश्यक तैयारियों एवं मानक संचालन प्रक्रिया का किया गया अभ्यास

इसमें बाढ़ के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां, सर्पदंश पर उपचार, विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए उपचार सावधानियां, सीपीआर, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, बाढ़ के उपरांत मौसमी बीमारियों से रक्षा, राहत बचाव कैम्प का संचालन, पीड़ितों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों से बचने हेतु सही जानकारियों के प्रेषण, लोगों को बाढ़ से सावधान करने, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापना आदि का पूर्वाभ्यास किया गया।

इसमें 05 लोगों को बाढ़ के दौरान बाढ़ के पानी से बने टापू में फंसे लोगों को बचाया गया, जिसमें गर्भवती स्त्री, सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति, वृद्ध आदि के बचाव की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 02 व्यक्तियों को बाढ़ के दौरान पानी में डूबने पर बचाव का भी प्रदर्शन किया गया।

आपदा के समय आवश्यक तैयारियों एवं मानक संचालन प्रक्रिया का किया गया अभ्यास

इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए ग्रीन कॉरिडोर निर्माण, राहत शिविर में व्यवस्था आदि का भी प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, एनएसएस के कैडेट भी शामिल हुए उन्हें आपातकालीन प्रक्रिया के प्रदर्शन के साथ आपातकालीन बचाव प्रक्रिया में प्रयुक्त उपकरणों की भी जानकारी दी गयी। इसके साथ ही स्थानीय वस्तुओं से जुगाड़ द्वारा बाढ़ से बचाव के उपकरण बनाने के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में बताया गया।

इस ड्रिल में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम नंदजी पांडेय, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीएस जात्रा, जिला सेनानी विपिन किशोर लकड़ा, तहसीलदार प्रमोद कुमार पटेल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

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