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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण…..

News Desk
1 Min Read

रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला बस्तर के दरभा विकासखंड के ग्राम कोटमसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पेदावाड़ा मांझीपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा नन्हें बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनसे बातचीत की।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनके समुचित पोषण और विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्री ने केंद्र की व्यवस्थाओं को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं और आत्मीय वातावरण मिले, इसके लिए सतत निगरानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना चाहिए।

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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण…..

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रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला बस्तर के दरभा विकासखंड के ग्राम कोटमसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पेदावाड़ा मांझीपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा नन्हें बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनसे बातचीत की।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनके समुचित पोषण और विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्री ने केंद्र की व्यवस्थाओं को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं और आत्मीय वातावरण मिले, इसके लिए सतत निगरानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना चाहिए।

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