Lok Sabha Chunav 2024: इंदौर में कांग्रेसी नेता बौखला गए हैं. वे लोकसभा चुनाव के बीच भाषा की मर्यादा भी भूल गए हैं. दरअसल, यहां एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम घट गया है. उसने कांग्रेस को इंदौर में बैकफुट पर ला दिया है. कांग्रेस इसका ठीकरा अपने पूर्व प्रत्याशी अक्षय कांति बम पर फोड़ रही है. इसकी वजह…?
लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से पहले मध्य प्रदेश में भारी उलट-फेर हो गया है. कांग्रेस के इंदौर से लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने न केवल नामांकन वापस लिया, बल्कि पार्टी का साथ छोड़कर बीजेपी का हाथ पकड़ लिया. उनके इस कदम के बाद कांग्रेसी नेताओं की जबरदस्त प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेसी नेता बम के इस कदम से इतने बौखला गए हैं कि उन्हें भाषा का भाषा की मर्यादा का भी ख्याल नहीं रहा. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटनाक्रम को लेकर कहा है कि कांग्रेस और उसके नेतृत्व ने घुटने टेक दिए हैं.
इंदौर कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि बीजेपी दबाव और प्रलोभन के जरिये चुनाव लूटना चाहती है. कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. 4 जून को परिणाम बताएंगे कि इससे किसे कितना फर्क पड़ा. बीजेपी के इतने बड़े नेता खुद नामांकन वापस करवाने जा रहे हैं. इससे स्पष्ट है कि बीजेपी के मन में डर है. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्त केके मिश्रा ने भी बम पर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, अक्षय बम, तुम तो “फुस्सी बम” निकले, तुमसे अच्छी तो….हैं, जो अपने प्रोफेशन के प्रति ईमानदार होती हैं, कितने में ….हो ? वक्त हमेशा बदलता है, जिस कारण बिके हो, वही कारण हमेशा कायम रहेगा और वही तुम्हें भविष्य में शिकंजे में भी लेगा. विश्वासघात मंहगा पड़ेगा.
कांग्रेसी नेता कर रहे आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
केके मिश्रा ने लिखा, मुझे मालूम था तुम्हारी कीमत लग चुकी है. इस बात को मैं पहले ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को बता चुका था, आखिरकार वह सच साबित हुआ. इसी खातिर मैंने तुम्हारे पक्ष में आज तक कुछ नहीं बोला क्योंकि मुझे मालूम था कि मेरी भावनाएं किसी “गद्दार” को समर्पित हो सकती हैं, मेरा पूर्वानुमान सच साबित हुआ, तुम वही हो जिसने विधानसभा के संपन्न चुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशी राजा मंगवानी से बहुत पैसा भी लिया और उनकी पीठ में छुरा भी भोंका था. अब अपनी वल्दीयत भी बदल लेना. धंधेबाजों और दौलत से मोहब्बत करने वालों की कोई विचारधारा होती ही नहीं है. दूसरे धंधेबाजों की तरह तुमने भी यह साबित कर दिया. दूसरी ओर, बम के बीजेपी में शामिल होने पर पूर्व विधायक अश्विन जोशी भाषा की मर्यादा भूल गए. उन्होंने कहा कि अक्षय कांति बम गद्दार और दोगला है.

