Google Analytics —— Meta Pixel

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की बढ़ेगी मुश्किलें, राज्यपाल ने मुडा मामले में मुकदमा चलाने को दी मंजूरी

News Desk
3 Min Read

नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मुडा मामले में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सीएम रमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

बता दें कि कर्नाटक के राज्यपाल ने बीते दिनों मुडा (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) के कथित भूमि घोटाले में सीएम के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कैबिनेट की राय मांगी थी। इसके बाद गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, इस बैठक में राज्यपाल को कारण बताओ नोटिस वापस लेने की सलाह दी गई। वहीं मंत्रिपरिषद ने इसे सरकार को अस्थिर करने की कोशिश बताया। 

इसके बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली. जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। 

 

यह है पूरा मामला 

दरअसल, मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण यानी मुडा ने शहरी विकास के दौरान अपनी जमीन खोने वाले लोगों के लिए एक योजना लाई। इस योजना को 50:50 नाम दिया गया। इस योजना में जमीन खोने वाले लोग विकसित भूमि के 50 प्रतिशत के हकदार होते थे। इस योजना को पहली बार 2009 में लागू किया गया था। हालांकि 2020 में बीजेपी सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।

वहीं इस मामले में आरोप है कि इस योजना को बंद करने के बाद भी मुडा ने 50-50 योजना के तहत जमीनों का अधिग्रहण किया और उसे आवंटन की किया। यहीं से पूरे विवाद की शुरुआत हुई। इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री रमैया की पत्नी पार्वती को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगा। जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री की पत्नी की 3 एकड़ और 16 गुंटा भूमि  मुडा द्वारा अधिग्रहित की गई।

इसके बदले में उन्हें एक महंगे इलाके में 14 साइटें आवंटित की गईं। इस जमीन को मैसूर के बाहरी इलाके केसारे में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी ने 2010 में गिफ्ट के रूप में दिया था। इसके साथ ही ये भी आरोप लगाया गया है कि मुडा ने इस जमीन का अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर तृतीय चरण की योजना को विकसित कर दिया।

Share this Article