Google Analytics —— Meta Pixel

मध्य प्रदेश में हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण अब ELIS पर अनिवार्य, बिना UIN नंबर आवेदन नहीं होगा मान्य

News Desk
2 Min Read

ग्वालियर
 लाइसेंसी हथियारों के नवीनीकरण सहित अन्य कामों को लेकर मध्य प्रदेश को छोड़कर पूरे देश में आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) पर काम हो रहा है, लेकिन मप्र में लोकसेवा पर दोहरी व्यवस्था चल रही है। हाल ही में प्रदेश के गृह मंत्रालय की ओर से नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस(एलिस) सिस्टम पर डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया है, यानी अब सभी लाइसेंस का काम एलिस पर ही कराया जाएगा।

2016 में इसको लेकर एक्ट में संशोधन कर आदेश जारी किए गए थे। सभी राज्य हथियार लाइसेंस संबंधी कार्य एलिस पर ही कर रहे हैं, जो कि नेशनल सिस्टम है। प्रदेश में लोकसेवा पर आवेदन भेजे जाते हैं, जिसमें यूआईएन नंबर की अनिवार्यता नहीं होता है। एलिस में बिना यूआईएन नंबर के काम नहीं होता है।

2019 में लोकसेवा पर हथियारों का काम करने को लेकर राज्य शासन ने निर्देश दिए थे। अब मप्र में जिन लाइसेंसधारकों के पास यूआईएन नंबर नहीं है उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। मध्य प्रदेश में 913 ऐसे शस्त्र धारक हैं, जिनके पास दो से ज्यादा शस्त्र हैं इनसे शस्त्र सरेंडर होने की कार्रवाई भी होना है।
अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई

बता दें कि नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म लाइसेंस का आर्म लाइसेंस इश्युएंस सिस्टम (एलिस) है जिसपर शस्त्र संबंधी काम होता है। गृह मंत्रालय की ओर से भी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखे गए हैं। इसमें लिखा है कि मप्र में कुल 913 लाइसेंसधारियों के पास से अधिक शस्त्र हैं। उनसे अतिरिक्त शस्त्र जमा करने की कार्रवाई की जानी है।

एनडीएल-एलिस पोर्टल पर अतिशीघ्र इनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा यूएन जारी करने की अंतिम तिथि 30 जून 2020 निर्धारित की गई थी। शस्त्र संबंधी सेवाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन पब्लिक पोर्टल पर पेश किया जा सकता है।

Share this Article