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शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों की अंतर राज्यीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुरू

News Desk
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रायपुर

देश के गृहमंत्री अमित शाह चम्पारण धाम से दर्शन कर रायपुर लौट गए है. यहां वामपंथी उग्रवाद पर समीक्षा बैठक शुरू हो गई है. बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ व 7 पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशकों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में शामिल है. इसमें नक्सलियों के सफाये को लेकर रणनीति बनाई जाएगी.

वहीं बैठक में नक्सलियों के खातमे के लिए केंद्र से राज्यों को और कैसे सहयोग मिले इस पर भी विचार किया जाएगा. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित हैं. इसके अलावा बैठक में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं.

नक्सलियों के बड़े नेता और मिलिट्री कंपनियां होंगी अब निशाने पर
जानकारों का कहना है कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार का फोकस अब बस्तर में नक्सलों की बची-खुची ताकत को भी खत्म करने या कमजोर करने पर है. अब सुरक्षा बलों के निशाने पर नक्सलियों के बड़े नेता और माओवादियों की मिलिट्री कंपनी और बटालियन होंगी. क्योंकि ये गुट अभी भी सक्रिय हैं.

केंद्रीय और राज्य की सारी खुफिया एजेंसियों, सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से इस काम को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी है. उल्लेखनीय है कि हाल के कुछ सालों में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की कई सफलताएं मिली हैं, लेकिन उनकी सेंट्रल कमेटी के किसी सदस्य या किसी बड़े नेता  को गिरफ्तार करने, उसके हथियारों की बड़ी जब्ती में अपेक्षित सफलता नहीं मिली है.

नक्सलियों को सालों से देख रहे अधिकारियों का मानना है कि माओवादियों की असली ताकत उनकी मिलिटरी कंपनियां हैं, जिसमें फोर्स से लूटी गई एके-47, इंसास और एलएमजी से लैस ट्रेंड लड़ाके होते हैं. सुकमा, बीजापुर से लेकर नारायणपुर तक के जंगलों में नक्सलियों की ताकतवर मानी जाने वाली दो बटालियन अभी भी सक्रिय हैं. सूत्रों का कहना है कि अब केंद्र सरकार का फोकस नक्सलियों की कमर तोड़ने पर है.

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