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बिहार के एक लाख गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी, नीतीश सरकार ने किया बड़ा ऐलान

News Desk
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पटना। राज्य में गरीब परिवारों के लिए स्वीकृत और अधूरे पड़े एक लाख एक हजार 704 आवासों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करा लिया जाएगा। इस चालू वित्तीय वर्ष में ही इन आवासों का निर्माण कराने का निर्देश सभी जिलों को दिया गया है।

बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार विधानसभा की पहली पाली में प्रश्नोत्तर काल में दी। सदन में विधायक जिवेश कुमार ने प्रश्न पूछा था।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 की अवधि में राज्य में इंदिरा आवास योजना के तहत कुल 18 लाख तीन हजार 871 लाभुकों को प्रथम किस्त के रूप में राशि दी गई, जिन्हें पूर्ण कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित था।

अबतक 17 लाख दो हजार 167 आवासों का निर्माण पूरा कराया जा चुका है। वर्तमान में एक लाख एक हजार 704 आवास का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इनमें से कुछ लाभुकों की मृत्यु हो चुकी हैं तो कुछ लाभुक राज्य से अन्य राज्यों में पलायन कर गए हैं।

इन सबकी समीक्षा कराकर लाभुकों को आवास निर्माण पूरा कराकर सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन लाभुकों को प्रथम किस्त का भुगतान किया गया है, उनकी ही आवास का अग्रेतर किस्त का भुगतान करते हुए निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।

 हर हाल में 15 दिसंबर तक पूर्ण कर लें आवास
– बगहा में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने आवास सहायक और पर्यवेक्षक के साथ बैठक की।
– बैठक में प्रधान सचिव लोकेश कुमार के आदेश के आलोक में हर हाल में 15 दिसंबर तक सभी आवाज को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
– बीडीओ ने बताया कि 755 आवास 2024 25 में आवास उपलब्ध है।
– प्रथम किस्त में 696 राशि लाभुकों, दूसरी किस में 334 लाभों के खाते व तीसरी किस में मात्र 53 लाभुकों के खाते में राशि भेजी गई है।
– अब तक मात्र 39 आवास पूरा हुए हैं। ऐसे में आप लोग लाभुकों से संपर्क करते हुए डोर टू डोर जाकर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लाभुकों को आवास पूरा करने के लिए जागरूक करें।
– प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सभी को चेतावनी दी है कि किसी भी लाभुक से अगर अवैध वसूली की गई, ऐसे कर्मियों पर प्राथमिक की दर्ज करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
– पूर्व में आवास योजना की राशि 1 लाख 30 हजार थी। अब दस हजार राशि कम कर दी गई है।
– महंगाई को देखते हुए लाभुकों को भवन बनाने में बड़ी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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