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भोपाल में गाजी वली बोले, गिरफ्तारी इंसाफ नहीं; ये राहत देने का एक तरीका है

News Desk
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भोपाल ।   जमीयत उलेमा हिंद मप्र के उपाध्यक्ष मौलाना गाजी वली अहमद ने रविवार को भोपाल में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमारा देश हमेशा से भाईचारे और आपसी सौहाद्र की मिसाल रहा है। दुनिया में इसकी यही पहचान हमें सबसे आगे रखती है। महंत यति नरसिंहानंद मौजूदा दौर की सियासत की एक कठपुतली भर है। मौलाना ने कहा कि महंत ने उस शख्सियत को लेकर बदकलामी की है, जिन्हें अल्लाह ने रहमतुल आलेमीन बनाकर भेजा है। हजरत मुहम्मद (सअस) न सिर्फ मुसलमानों के पैगंबर हैं, बल्कि उन्हें सारी दुनिया को मुहब्बत और भलाई का संदेश देने के लिए भेजा गया था। मौलाना गाजी ने कहा कि महंत की अशिक्षा, अज्ञानता, संकीर्ण मानसिकता है, जो पैगंबर हजरत मुहम्मद (सअस) को न पढ़ पाए और न उन्हें जान पाए। महंत ने अगर मुहम्मद साहब को पढ़ा होता, अध्ययन किया होता तो वे इस तरह की गुस्ताखी की जुर्रत न करते।

गिरफ्तारी नहीं, तय हो सजा

मौलाना गाजी ने कहा कि नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले की गिरफ्तारी हो जाने की बात कही जा रही है। लेकिन महज गिरफ्तारी उनके कर्मों के लिए पर्याप्त नहीं है। होना यह चाहिए कि महंत के खिलाफ फास्ट ट्रैक पद्धति पर कार्रवाई होना चाहिए। भारतीय संविधान के लिहाज से किसी दूसरे धर्म को आहत करने वाले के तय सजा उन्हें दी जाना चाहिए। मौलाना ने कहा कि महंत का प्रयास देश की एकता, अखंडता, सद्भाव और सौहाद्र तथा शांति भंग करने का था। 

प्रदेश में न बनें ऐसे हालात

मौलाना गाजी वली अहमद ने कहा कि हमारा प्रदेश हमेशा से शांति का गहवारा रहा है। उन्होंने प्रदेश के संवेदनशील सीएम डॉ मोहन यादव से मांग की है कि इस बात पर सख्त नजर रखी जाए कि यहां महंत जैसे लोग न पनपने पाएं। मौलाना ने सीएम से अपेक्षा की है कि प्रदेश में पहले ही ऐसे प्रावधान तय कर दिए जाएं कि कोई सिरफिरा ऐसा कुत्सित प्रयास करने की हिम्मत न कर पाए।

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