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पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन…..

News Desk
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रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित महान वैज्ञानिक और श्मिसाइल मैनश् के नाम से विख्यात डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, वैज्ञानिक नवाचार, सादगी, अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से भारत को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. कलाम ने भारत के अंतरिक्ष एवं रक्षा अनुसंधान कार्यक्रमों को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। स्वदेशी मिसाइल तकनीक के विकास और देश की सामरिक क्षमताओं को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वैज्ञानिक के रूप में उनकी उपलब्धियों ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उनकी सादगी, विनम्रता और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव ने उन्हें जन-जन का प्रिय राष्ट्रपति बनाया।

उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का दृढ़ विश्वास था कि किसी भी राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य उसकी युवा शक्ति, शिक्षा, विज्ञान और नवाचार पर निर्भर करता है। उन्होंने जीवनभर विद्यार्थियों और युवाओं को बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और समर्पण से असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प डॉ. कलाम के विचारों और सपनों से गहराई से जुड़ा हुआ है। विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत का निर्माण ही उनके प्रति सच्चा सम्मान होगा। उनके विचार आज भी देश के करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।

श्री चौधरी ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियां, प्रेरणादायी विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव हमारी अमूल्य धरोहर रहेंगे। आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ज्ञान, कौशल, नवाचार और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करती रहेंगी।

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