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समय पर मिला खाद, खिल उठी उम्मीदें, संतोष की मेहनत में भरेंगे रंग

News Desk
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कोरकोमा के संतोष के खेतों में लहलहाएगी उम्मीदों की धान

रायपुर,

आज संतोष केशरवानी के चेहरे पर संतुष्टि और खुशी एक साथ दिख रही है। अपने खेत में लगी धान की फसल के लिए समय पर खाद के लिए जाने से संतोष और उनका परिवार ने चैन की मांग ली है। दरअसल चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए खाद की कमी की कुछ खबरों ने संतोष की बैचेनी बढ़ा दी थी। परन्तु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य में किसानों को समय पर सोसयटियों से पर्याप्त मात्रा मे खाद मिल रहा हैं। कल ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खाद का अतिरिक्त आबंटन जारी करने को मंजूरी भी दी है। छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार ने 50 हजार टन डीएपी तथा 50 हजार टन यूरिया का अतिरिक्त आबंटन किया है।

    राज्य में धान की फसल में अब रोपा बयासी का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में धान के पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इस समय में फॉस्फेटिक खाद की ज्यादा जरूरत पड़ती है। समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाने से कोरबा जिले के कोरकोमा गांव के सीमांत किसान श्री संतोष केसरवानी की खेतों की बुआई आसानी हुई और फसल की बेहतर शुरुआत संभव हो सकी। श्री केसरवानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया खेत हमारा सहारा है, सरकार और समिति की तत्परता से उन्हें खेती बाड़ी के लिए जरूरी खाद बीज आदि सामग्री समय पर मिल गई है। इस मदद से उनकी खेती को नई ऊर्जा मिली है।

    किसान श्री संतोष ने कहा कि उनके पास लगभग 5 एकड़ जमीन है, खरीफ सीजन के शुरुआत से ही वे बेहतर उत्पादन के लिए प्रयत्नशील है, बारिश समय पर होने से खेतों की जुताई से लेकर पौधे तैयार करने में कोई दिक्कत नही हुई। इस सीजन में समितियों से समय पर आवश्यक खाद भी उपलब्ध हो गए। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में कोरकोमा सहकारी समिति से उन्होंने अपनी जरूरत अनुसार 7-7 बोरी डीएपी, यूरिया और सुपर फॉस्फेट खाद क्रय किया है, जिसके लिए उन्हें कोई परेशानी नही हुई, ना ही समिति के बार-बार चक्कर लगाना पड़ा।

समिति में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करते ही उन्हें केसीसी के माध्यम से खाद प्रदान किया गया। श्री संतोष ने बताया कि पिछले खरीफ वर्ष उन्होंने करीब 92 क्विंटल धान बेचा था। इस बार वे शुरुआत से ही पूरे परिवार के साथ बेहतर फसल के लिए मेहनत में जुटे हैं। वक्त पर खेत की बुआई होने से उनकी फसल अच्छी लग रही है, उनकी मेहनत रंग ला रही है, आगे जरूरत अनुसार सिंचाई और समय समय पर खाद का छिड़काव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी खेती न अब सिर्फ एक जीविका का साधन है, बल्कि उम्मीदों की फसल भी बन गई है। वे कहते हैं, सरकार और सहकारी समिति ने जिस प्रकार से खाद और बीज की व्यवस्था समय पर की, उससे हम जैसे छोटे किसानों को बहुत राहत मिली है। इस पहल ने न केवल उनका आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

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