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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान, 90 विधानसभा क्षेत्रों में निर्देश

News Desk
3 Min Read

रायपुर 

कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शुरू किया गया ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान अब छत्तीसगढ़ में भी विस्तार लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की गहन जांच के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को उजागर किया जा सके।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग की जांच शामिल है। इन बिंदुओं के आधार पर कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विश्लेषण करने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के लिए कहा गया है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है, जिन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में पाई गई अनियमितताओं को उजागर करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपें।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस अभियान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उनकी हताशा और मति भ्रम को दर्शाता है। साव ने वोट चोरी के आरोप को लोकतंत्र, संविधान और जनता के निर्णय का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी जैसी घटनाएं आम थीं, और अब अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है।

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