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छत्तीसगढ़-बिलासपुर में पैसों के विवाद में युवक का अपहरण, बेरहमी से पिटाई के चलते मौत

News Desk
4 Min Read

बिलासपुर.

बिलासपुर में पैसे के लेनदेन के विवाद मामले में एक युवक का अपहरण कर हत्या का मामला सामने आया है।पहले युवक की बेरहमी से पिटाई की गई बाद में अधमरा होने के बाद युवक को गली में फेंक कर आरोपी फरार हो गए। पुलिस आनन-फानन में घायल युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और हत्या को दुर्घटना का रूप देने का आरोप लगाया है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।

तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाला 24 वर्षीय हरिओम सिंह ब्याज चलाने का काम करता था। वह लोगों को ब्याज में रकम देता था। अपना काम बढ़ाने के लिए उसने तोरवा में ही रहने वाले इंद्रजीत यादव और श्रेयांश राजपूत से 8 लाख रुपए उधार में लिए थे और लोगों को ब्याज में यह रकम बांटा था। इस बीच पैसों के लेनदेन को लेकर हरिओम सिंह का श्रेयांश और इंद्रजीत से विवाद हो गया था।  इंद्रजीत के परिजनों के अनुसार 24 अक्टूबर की दोपहर  श्रेयांश और इंद्रजीत हरिओम को खोजते हुए घर पहुंचे थे। उस वक्त हरिओम घर पर नहीं था। पूछने पर पैसों के लेनदेन के मैटर में बात करने आने की बात दोनों ने कही। इसके बाद दोनों और उनका एक अन्य साथी रात को घर आए और हरिओम को अपने साथ लेकर चले गए। हरिओम फोन नहीं उठा रहा था। बताया जा रहा है कि रात करीब 1 बजे इंद्रजीत ने अपने मोबाइल से हरिओम की बात उसके घर वालों से करवाई । इस दौरान हरिओम ने परिजनों को बताया कि इंद्रजीत और श्रेयांश उसकी पिटाई कर रहे हैं इसके बाद फोन कट गया और हरिओम से उनकी कोई बात नहीं हुई। जब रात भर हरिओम सिंह घर नहीं पहुंचा तो घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की और श्रेयांश राजपूत से पूछा। श्रेयांश राजपूत ने उन्हें रात को ही हरिओम को छोड़ देने की बात बताई। घरवाले हरिओम की तलाश कर ही रहे थे कि सोशल मीडिया में एक युवक की सिम्स में लाश होने की फोटो वायरल हुई। परिजन भागे– भागे सिम्स गए तो वहां दो दिनों से मर्च्युरी  में हरिओम की लाश पड़ी थी। संपर्क करने पर तोरवा पुलिस ने परिजनों को बताया कि सड़क हादसे में हरिओम की मौत हो गई है। पूछताछ में जानकारी मिली कि 25 अक्टूबर की सुबह विनोबा नगर की एक गली में घायल अवस्था में हरिओम मिला था। जिसे पुलिसकर्मियों ने ही  अस्पताल में ले जाकर भर्ती करवाया था। मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल के कर्मचारियों को हरि ओम ने अपनी आपबीती और  मारपीट की बात बताई थी। पर इस मामले में  पुलिस पर जानकारी के बावजूद लापरवाही बरतने का आरोप लग रहा है।  हरिओम के परिजनों ने इसे हादसा न होकर हत्या होने की आशंका जाहिर की  है। उन्होंने इंद्रजीत यादव श्रेयांश राजपूत और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की मांग की है।

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