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छत्तीसगढ़-बीजापुर में वनरक्षक भर्ती में स्थानीयों को मिले प्राथमिकता, भाजपा-कांग्रेस के साथ अब सीपीआई भी विरोध में

News Desk
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बीजापुर.

देर रात तक भूखे-प्यासे वनरक्षक अभ्यार्थियों का फिजिकल टेस्ट मामला, स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार की मांग का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। नियम विरुद्ध भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए सत्त्तापक्ष भाजपा, कांग्रेस व सीपीआई ने सरकार से मांग की है। वनरक्षक भर्ती मामले को लेकर सत्ताधारी भाजपा के नेता स्थानीय बेरोजगारों की नियुक्ति करने के साथ भर्ती निरस्त करने की मांग की है।

सोशल मीडिया में भाजपा नेता फूलचंद गागडा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य युवा मोर्चा ने सोशल मीडिया फेसबुक प्लेटफार्म पर पोस्ट करके अधिकारियों की मनमानी और नियम विरुद्ध देर रात तक कराये जा रहे फिजिकल टेस्ट को बंद करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग सरकार से की है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में सीसीआई का एक दल वनरक्षक भर्ती स्थल ज्ञानगुड़ी पहुंचा, जहां दल ने अधिकारियों पर लग रहे आरोपों पर बातचीत करनी चाही, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी नहीं मिला। सीपीआई नेताओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करके स्थानीय बेरोजगार युवाओ की भर्ती करने की मांग की है। इधर मुख्य  विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। बीजापुर से कांग्रेस विधायक ने बयान जारी कर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजापुर में हो रहे वनरक्षक भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही हैं। नियम विरुद्ध रात के अंधेरे में कराए जा रहे शारीरिक दक्षता परीक्षा की जांच की मांग विधायक ने की है।

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