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छत्तीसगढ़: पूर्व IAS रीता शांडिल्य को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनीं CGPSC की कार्यकारी अध्यक्ष

News Desk
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रायपुर 
पूर्व आईएएस अधिकारी रीता शांडिल्य को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। रीता शांडिल्य अभी सीजीपीएससी की कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पहली बार आयोग में कोई महिला अध्यक्ष नियुक्त की गई है। इससे पहले टामन सोनवानी आयोग के अध्यक्ष रहे। अब तक आयोग में 8 अध्यक्ष हो चुके हैं जिनमें एक मात्र महिला रीता शांडिल्य हैं।

किन विभागों में दे चुकी हैं सेवाएं
रीता शांडिल्य नौकरी में रहते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग में सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। 

घोटाले के बाद नई नियुक्ति
बता दें है कि पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी के कार्यकाल के दौरान CGPSC में बड़ा घोटाला सामने आया था। यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान भी राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बना। नई सरकार के गठन के बाद इस मामले की सीबीआई जांच कराई गई। जांच के बाद तत्कालीन अध्यक्ष सोनवानी समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया गया था।

विवाद खत्म करने का करेंगी प्रयास
अब रीता शांडिल्य को स्थायी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और विश्वास योग्य बनाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। राज्य सरकार को भरोसा है कि उनकी नियुक्ति से आयोग की छवि सुधरेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद खत्म होंगे।

आयोग में सुधार की उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि रीता शांडिल्य के नेतृत्व में CGPSC में प्रशासनिक सुधार की नई शुरुआत होगी। घोटाले से हिल चुकी आयोग की साख को बहाल करना और युवाओं के विश्वास को कायम करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी। साथ ही आयोग में समयबद्ध परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना भी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

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