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Chhattisgarh : किसानों के खातों में नहीं पहुंच पाई बीमा राशि

NEWSDESK
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रायपुर। रायपुर संभाग के लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नौकरशाही की उदासीनता और तकनीकी पेच में उलझ गई। रायपुर समेत प्रदेशभर में फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों के खाते में लगभग 600 करोड़ की राशि ट्रांसफर करना है, लेकिन अब तक सिर्फ 314 करोड़ 36 लाख 63 हजार की राशि दो लाख 580 किसानों के खातों में पहुंची है।

बाकी खरीफ वर्ष 2018-19 के फसल बीमा दावे के भुगतान की कार्रवाई चल रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो चुनावी प्रक्रियाओं के अलावा लिंकअप में दिक्कतें आने के कारण किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर करने में विलंब हुआ है।

बीमा कंपनियों द्वारा बीमा दावा भुगतान राशि की गणना अभी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 से लागू की गई है।

प्रदेश के लगभग 21 जिलों में ईफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व छह जिलों में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

रायपुर में खरीफ मौसम की तुलना में रबी फसल का रकबा बहुत कम है। रायपुर को छोड़कर बलौदाबाजार, धमतरी, भाटापारा आदि जिले इनमें शामिल हैं। इस तरह से लगभग राज्य के कुल 12 लाख 94 हजार 169 किसानों ने फसल बीमा कराया है।

कृषि संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ वर्ष 2018-19 में रायपुर में 16 हजार किसानों को 25 करोड़, बलौदाबाजार जिले में 25 हजार 586 किसानों को 33 करोड़ 48 लाख, दुर्ग जिले में 13 हजार 379 किसानों को 15 करोड़ 46 लाख, धमतरी में 18 हजार किसानों को 12 करोड़ आठ लाख रुपये का वितरण किया जाना है। अन्य जिलों में फसल बीमा दावा भुगतान की कार्रवाई चल रही है।

लक्ष्य से पिछड़े

किसानों के खाते में मार्च तक फसल बीमा की राशि पहुंच जानी थी। इसके बावजूद भुगतान किसानों को नहीं दिया गया था। इधर, कृषि संचालनालय के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द ही बीमा कंपनियां रायपुर में शेष राश्ाि देंगी। फसल बीमा दावा राशि संबंधित बैंक शाखाओं को जारी कर दिया जाएगा।

केस- 01 

दो साल से नहीं मिला लाभ

रायपुर से सटे तिल्दा ब्लॉक के दो ग्राम पंचायत तुलसी (मानपुर) और नकटी के 147 किसानों को दो साल पहले खरीफ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भुगतान अब तक नहीं मिला है। बताया जाता है कि फसल बीमा पोर्टल में गलत एंट्री के कारण उन्हें यह नुकसान उठाना पड़ रहा है।

केस- 02 

बीमा राशि के लिए लगा रहे चक्कर 

वर्ष 2017 खरीफ धान के तहत ग्राम तुलसी के 90 और नकटी के 57 किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तिल्दा शाखा के प्राथमिक कृषि सहकारी समिति सरफोंगा पं.क्र. 758 में बीमा की प्रीमियम राशि जमा की थी। फसल कटाई प्रयोग आंकड़ों के अनुसार फसल क्षतिपूर्ति 25400.24 रुपयं हेक्टेयर के हिसाब से बीमा क्षतिपूर्ति राशि दोनों गांवों का करीब 40 लाख भुगतान होना चाहिए थी, लेकिन बीमा क्षतिपूर्ति राशि नहीं मिली है।



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