CG Election: सर्वे के आधार पर कटा विधायकों का टिकट, डिप्टी सीएम सिंहदेव ने कहा- सत्ता के लिए चुनाव जीतना जरूरी
CG Polls 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव सिर पर हैं. कांग्रेस ने इस चुनाव के मद्देनजर कुछ सिटिंग विधायकों के भी टिकट काटे हैं. इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि सर्वे के आधार पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं. पार्टी को केवल टिकट नहीं देना होता, बल्कि सत्ता के लिए चुनाव जीतना भी जरूरी होता है.
त्तीसगढ के उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि सर्वे के आधार पर पहले से तय था कि कुछ मौजूदा विधायकों का विधानसभा चुनाव का टिकट कटेगा. अपने आदमी को सिर्फ टिकट नहीं देना होता है. सत्ता में बने रहने के लिए चुनाव जीतना जरूरी होता है. साथ काम करने वाले खासकर मौजूदा विधायक का टिकट काटना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि मंथन और पितृ पक्ष के चलते सूची आने ने समय लगा. प्रथम चरण के मतदान वाली सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए. साथ ही सिंगल नाम और मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष की सीटों का ऐलान किया गया. यह पार्टी का एक रणनीतिक फैसला था. दूसरी सूची में क्षेत्र, जाती, महिलाओं का प्रतिनिधित्व देखते हुए सूची जारी की गई. इन सब के बीच राजनीतिक, क्षेत्रीय, सामाजिक संतुलन बैठाना आसान नहीं होता.
उन्होंने कहा कि प्रभारी कुमारी शैलजा ने लक्ष्य दिया था कि एक लोकसभा में औसतन दो महिलाओं को टिकट देंगे. पार्टी 20 फीसदी टिकट महिलाओं को देना चाहती है तो उस हिसाब से 18 सीट पर महिलाओं को टिकट देने का लक्ष्य है. अभी भी कुछ सीटों पर टिकट घोषित करना बाकी है. उसमें भी महिलाओं को मौका मिल सकता है. इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य की नाकामियों को गिनना शुद्ध रूप से राजनीतिक है. सरकार काम नहीं करती तो छत्तीसगढ़ को स्वच्छता, सड़क निर्माण में गुणवत्ता, कृषि, स्वास्थय के क्षेत्र में अवॉर्ड कैसे मिलते आ रहे हैं. बीजेपी के नेता सभा में यह नहीं कहेंगे कि कांग्रेस को वोट दो, राजनीतिक रूप से बोलना है तो बोल दो.
उन्होंने कहा कि हमें अपनी कमियों को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं. राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए ही केंद्र सरकार ने आदेश दिया था कि बोनस देने पर चावल नहीं उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि क्या चुनाव आयोग को पता नहीं था कि चुनाव के समय त्योहार हैं. छठ पूजा होती है. उसमें तीन दिन तक महिलाएं वृत रखती हैं. उसके बाद फिर दिवाली, भाईदूज, धनतेरस हैं. चुनाव आयोग को चुनाव के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए. मतदान की तिथि 27 नवंबर करनी चाहिए. हम इसकी क्या मांग करें. क्या आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों को यह पता नहीं. उन्होंने बताया कि 7 सीटों पर पार्टी हाईकमान को फैसला करना है. इसकी सूची जल्द जारी होगी.

