Google Analytics —— Meta Pixel

भारत और पाक के बीच सीजफायर: भूपेश बघेल ने ट्रंप की मध्यस्थता से लेकर पहलगाम हमले पर सरकार को घेरा

News Desk
3 Min Read

नई दिल्ली/रायपुर

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होते ही एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंफ के सीजफायर के एलान से लेकर पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को लेकर सरकार से सवाल कर रही है. कांग्रेस की ओर से अबकी बार मोर्चा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने संभाला है.

छत्सीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. जब भी संकट आया कांग्रेस ने राजनीति की बजाय देशहित को आगे रखा. 1971 में अमेरिका के दबाव के बावजूद इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में राजनीति नहीं राष्ट्रवाद चाहिए. दुश्मन के सामने कमजोरी नहीं ताकत दिखाएं. सरकार बताए कि क्या अमेरिका के दबाव में हममें अपनी नीति बदल दी? कांग्रेस ने अपने तमाम कार्यक्रम रद्द किए. संकट के समय जब पूरा देश एकजुट था तब सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता राजनीतिक बयानबाजी कर रहे थे.

संसद का बुलाया जाए विशेष सत्र

कांग्रेस नेता ने कहा, कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन हम पारदर्शिता की मांग करते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सीज फायर का ऐलान क्या कूटनीतिक नाकामी नहीं है? क्या हमनें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली? क्या शिमला समझौता रद्द हो गया? हम आतंक के खिलाफ लड़ रहे थे, बीच में कश्मीर का मुद्दा आ गया! संसद का विशेष सत्र बुलाकर बताया जाए कि संघर्ष विराम की शर्तें क्या हैं? सर्वदलीय बैठक बुलाकर शंकाओं का समाधान किया जाए.

पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ?

भूपेश बघेल ने सीजफायर के साथ-साथ पहलगाम आतंकी हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी प्रवक्ता का ये कहना कि बदला ले लिया गया है, जो कई सवाल उठाता है. पहलगाम के चारों आतंकियों का क्या हुआ? वो पकड़े गए या मारे गए? सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गृहमंत्री इस्तीफा दे रहे हैं?

Share this Article