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सराफा व्यापारी की हत्या का खुलासा, ड्राइवर और उसके भाई ने मिलकर जघन्य अपराध को दिया अंजाम

News Desk
4 Min Read

कोरबा

पुलिस ने हफ्ते भर पहले हुई हत्या के उस सनसनीखेज वरदात से पर्दा उठा दिया है जिस वारदात ने कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला दी थी. आरोपियों ने सराफा कारोबारी गोपाल राय सोनी की हत्या कर कार लूट ली थी. इस जघन्य वारदात के बाद पुलिस जांच में जुटी और 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, सूचना तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के सहारे आरोपियों की पहचान की.

इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी मृतक के ड्राइवर और उसका भाई था, जिन्होंने योजना बनाकर हत्या को अंजाम दिया. हालांकि, इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को अलग-अलग ठिकानों पर भेजा गया है. इस मामले का खुलासा रविवार की दोपहर बिलासपुर रेंज आईजी डॉक्टर संजीव शुक्ला और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने किया है.

यह है पूरा मामला
मृतक सराफा व्यापारी गोपाल राय सोनी के बेटे नचिकेता राय सोनी ने 5 जनवरी को पुलिस को सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उनके पिता, गोपाल राय सोनी की हत्या कर दी और घर से उनकी कार, अटैची और उनकी मां का मोबाइल लेकर भाग गए. इस घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी और एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण किया और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ को घटना स्थल पर भेजा.

प्रार्थी ने बताया कि जब वह रात करीब 10 बजे घर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि घर के पोर्च में खड़ी सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार गायब थी. घर का दरवाजा बंद था, जिसे खोलने के बाद उन्होंने पाया कि उनके पिता गंभीर रूप से घायल और लहुलुहान पड़े थे. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने बिना नंबर वाली रिपोर्ट दर्ज की और मामले की जांच शुरू की.

पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए 14 अलग-अलग टीमों का गठन किया. इन टीमों ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें दो नकाबपोश व्यक्ति घटना स्थल के पास देखे गए थे. पुलिस को एक मुखबिर से जानकारी मिली कि कुंआमठ्ठा निवासी मोहन मिंज के हाथ में चोट लगी है, जो सीसीटीवी में दिखाई दे रहे संदिग्धों से मिलती-जुलती थी.

पूछताछ के दौरान, मोहन मिंज ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. उसने बताया कि सूरज पुरी गोस्वामी और उसका भाई आकाश ने मिलकर गोपाल राय सोनी के घर चोरी करने की योजना बनाई थी. सूरज ने आकाश से गोपाल राय सोनी की दुकान की चाबी प्राप्त करने की योजना बनाई थी, ताकि वहां से सोने-चांदी और पैसे चुराए जा सकें.

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में निरीक्षक प्रमोद डनसेना, निरीक्षक मोतीलाल पटेल, निरीक्षक रूपक शर्मा, और कई अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही है.

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