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खदानों को निजी हाथों में सौंपकर आदिवासियों की जमीन और संसाधनों की लूट रही बीजेपी : पूर्व सीएम बघेल

News Desk
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बीजापुर

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अपने बीजापुर दौरे के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे बघेल ने भोपालपटनम के कुचनूर स्थित कोरंडम खदान का निरीक्षण किया और वहां से लौटकर बीजापुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ खनन नीति बल्कि नक्सल ऑपरेशन और आदिवासियों के प्रति सरकार के रवैये पर भी अपनी बात रखी।

आदिवासियों की जमीन और संसाधनों की लूट करवा रही भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कोरंडम खदान की शुरुआत बिना ग्रामसभा की अनुमति के की जा रही है, जो सीधे तौर पर कानून की अनदेखी व खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में तेंदूपत्ता तुड़ाई पर पाबंदी है, वहीं खनन कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खदानों को निजी हाथों में सौंपकर आदिवासियों की जमीन और संसाधनों की लूट करवा रही है।

नक्सल मुक्त गांव योजना को बताया अव्यवहारिक
पूर्व सीएम बघेल ने नक्सल मुक्त गांवों के लिए एक करोड़ रुपये की योजना को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे गांव के मुखिया और ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने करेगुट्टा नक्सल ऑपरेशन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मारे गए 31 नक्सलियों के शव कई दिनों तक क्यों रखे गए, इसकी जानकारी मीडिया को क्यों नहीं दी गई।

सैकड़ों ग्रामीणों को नक्सली मामलों में जबरन फंसाया जा रहा
पूर्व सीएम ने कहा कि नक्सली हिंसा में मारे गए ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। सैकड़ों ग्रामीणों को नक्सली मामलों में जबरन फंसाया जा रहा है, उन पर एनआईए की धाराएं लगाई जा रही हैं। कई बेगुनाह आदिवासी जेलों में बंद हैं और पुलिस कार्रवाई के डर से गांव छोड़ने को मजबूर हैं।

'भाजपा सरकार के कार्यकाल में आदिवासी हो रहे पलायन को मजबूर'
बघेल ने कहा कि भाजपा की सरकार में हर बार आदिवासी पलायन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी विवादित मामलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

'विकास सिर्फ नारों और होर्डिंग्स तक सीमित'
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है, जबकि कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनहित योजनाओं को बंद कर दिया गया है। इससे साफ है कि वर्तमान सरकार को विकास से कोई लेना-देना नहीं है।

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