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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बड़ा फेरबदल, सरकार अब वधुओं के खाते में भेजेगी 35000 रुपये

News Desk
3 Min Read

रायपुर

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में  भ्रष्टाचार को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.छतीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि व्यय राशि 50000 रुपये को लेकर व्यय मापदंड में एक बड़ा फेरबदल किया है. सरकार से मिलने वाली इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर)के जरिए भेजेगी.  

शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार गरीब परिवार की बेटियों की शादी करवाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पास आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं. इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियों के लिए एक अच्छी खबर है कि उनके खातों में 35000 रुपये भेजे जाएंगे.

सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा

दरअसल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में आर्थिक अनियमितता का आरोप अधिकारियों पर लगता था. इन आरोपों को दूर करने के लिए सरकार ने पूरे मापदंडों को ही बदल दिया है. हालांकि अधिकारी यह भी कह रहे हैं, सरकार ने इसका प्रारूप बदला है इससे सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा. अब खरीद फरोख्त में न तो कोई आरोप लगेगा और न ही घटिया सामग्री की खरीदी की कोई जगह बची है.

इस तरह से खर्च होगी राशि

विवाह आयोजन व्यवस्था और परिवहन पर कुल व्यय 8 हजार रुपए होगा. इसमें पंडाल और भवन किराया और प्रति जोड़ा के 20 अतिथि के भोजन और नाश्ता पर खर्च किया जाए. साथ ही बैठक व्यवस्था और विवाह का फोटो और प्रमाण पत्र आकस्मिक व्यय और परिवहन पर खर्च होगा. शेष 7000 रुपए को वर-वधु के कपड़े, श्रृंगार सामग्री, जूते-चप्पल,चुनरी,साफा मंगलसूत्र और इन सामानों के अलावा क्रय समिति जो उचित समझे उसे खरीद सकती है. इस प्रारूप से बाहर जाकर अधिकारी अपनी मनमानी नहीं कर सकते हैं.

योजना में व्यय राशि का एक बड़ा हिस्सा विवाहित जोड़े के खाते में डीबीटी किया जाएगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन आ रहे हैं. मार्च के पहले सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया जाएगा.

2024-25 से मिलेगा लाभ

महिला एवं बाल विकास विभाग छग शासन ने यह आदेश 15 मार्च 2024 को सभी जिलों के लिए जारी कर दिया था.  इस आदेश को 2024-25 से प्रभावी रूप सभी जिलों के  जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लागू करना होगा. इस तरह व्यय मापदंड में संशोधन करने से बीपीएल परिवार से जुडे नव विवाहित जोड़े को बड़ा लाभ मिलेगा. दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में रह रही युवतियां जो इस योजना से जुड़ेंगी उन्हें विवाह के बाद ये आर्थिक मदद गृहस्थ जीवन को और बेहतर करेगी.

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