छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से कर्नाटक यशवंतपुर की दूरी लगभग डेढ़ हजार किलोमीटर है. यशवंतपुर से कोरबा के बीच चलने वाली यशवंतपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करते हुए एक अति दुर्लभ प्रजाति का सांप कोरबा पहुंच गया.
अब तक आपने लोगों को ही ट्रेन में सफर करते देखा और सुना होगा. लेकिन हम कहें,कि एक सांप कर्नाटक से ट्रेन में यात्रा करते छत्तीसगढ़ के कोरबा पहुंच गया तो आप शायद विश्वास नहीं करेंगे.लेकिन यह बात सौ फीसदी सच है.वह भी कोई आम सांप नहीं यह एक दुर्लभ प्रजाति का सांप था जिसका रेस्क्यू कोरबा रेलवे स्टेशन पर किया गया.
सर्प मित्र राजू ने बताया कि यह सांप ट्रेन में कहां से सफर कर रहा इसकी जानकारी तो नहीं मगर यह सांप अति दुर्लभ प्रजाति का है जिसे ग्रीन वाईन स्नेक के नाम से जाना जाता है.यह सांप सेमी वैनमस कैटिगरी में आता है इस सांप का जहर केवल चूहा और अन्य छोटे जीवों पर असर करते हैं. यह सांप हरे रंग का होता है और आसानी से हर घासों में छिप जाता है.

