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कल छठवां मंगला गौरी व्रत, नोट करें पूजा विधि, जानें पौराणिक कथा और अगस्त माह के मंगला गौरी व्रत लिस्ट

NEWSDESK
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Mangla Gauri Puja Vidhi : सनातन धर्म में मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. हर सुहागिन महिला माता पार्वती के निमित्त मंगला गौरी व्रत करके अपने पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं. कल श्रावण अधिक मास का छठवां मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा.

हाइलाइट्स

मंगला गौरी व्रत में हर सुहागिन महिला पति की लंबी उम्र की कामना करती है.
यह व्रत संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले जातक भी करते हैं.

Sixth Mangla Gauri Vrat 2023 : सावन का पवित्र महीना 4 जुलाई 2023 से शुरू हो चुका है. यह महीना भगवान शिव को अति प्रिय है. अधिक मास होने के कारण इस बार सावन का महीना 59 दिनों का हो रहा है. सावन के महीने में मंगला गौरी व्रत किया जाता है, कल यानी 8 अगस्त 2023 को श्रावण मास का छठवां मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा. यह व्रत हर स्त्री अपने पति की लंबी आयु के लिए करती हैं. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं मंगला गौरी व्रत की पूजा विधि इसकी पौराणिक कथा और आने वाले मंगला गौरी व्रत की तारीख.

मंगला गौरी व्रत की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, धर्मपाल नाम का एक व्यापारी अपनी पत्नी के साथ हंसी-खुशी जीवन यापन कर रहा था. धर्मपाल को बेहद सुंदर और बुद्धिमान स्त्री पत्नी के रूप में प्राप्त हुई थी. उसे किसी भी चीज की कमी नहीं थी. परंतु एक दुख धर्मपाल और उसकी पत्नी को था कि उनकी कोई संतान नहीं थी. वह दोनों मिलकर संतान प्राप्ति के लिए कई सारे व्रत, दान और अनुष्ठान करते थे. उनके यही अच्छे कर्मों को देखकर भगवान ने प्रसन्न होकर उन्हें संतान प्राप्ति का आशीर्वाद दिया. परंतु जब धर्मपाल और उसकी पत्नी को ज्योतिषियों से पता चला कि उनका बच्चा अल्प आयु है और वह 16 साल में सर्पदंश की वजह से मृत्यु को प्राप्त हो जाएगा तो वह दोनों बहुत परेशान हुए. फिर उन्होंने अपनी चिंता भगवान पर छोड़ते हुए अपने बेटे का विवाह एक बेहद खूबसूरत कन्या से किया. उस कन्या की माता मंगला गौरी का व्रत करती थीं. जिसके प्रभाव से अपनी बेटी को अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मिला. इस व्रत की महिमा के फलस्वरूप धर्मपाल के पुत्र को लंबी आयु और सुखी जीवन प्राप्त हुआ.

 

मंगला गौरी व्रत पूजा विधि

महिलाएं मंगला गौरी व्रत वाले दिन जल्दी उठकर नित्य कर्मों से होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मन ही मन माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करें.
अब शिवालय या घर मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
सबसे पहले शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा पर जल अर्पित करें और फिर पूजा सामग्री जैसे कुमकुम, अक्षत, फल और फूल के अलावा सोलह श्रृंगार अर्पित करें.
पूजा के बाद सभी व्रति अपने पति की दीर्घायु के लिए माता पार्वती से कामना करें.
व्रति को मंगला गौरी व्रत का पारण अगले दिन यानी बुधवार के दिन करना चाहिए.

मंगला गौरी व्रत की लिस्ट

8 अगस्त 2023- अगस्त माह का दूसरा मंगला गौरी व्रत
15 अगस्त 2023- अगस्त माह का तीसरा मंगला गौरी व्रत
22 अगस्त 2023- अगस्त माह का चौथा मंगला गौरी व्रत
29 अगस्त 2023- अगस्त माह का पांचवा मंगला गौरी व्रत

 

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