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नागरिकता कानून का पहला असर, उल्टे पांव घुसपैठिए लौट रहे हैं बांग्लादेश…

NEWSDESK
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नागरिकता संशोधन एक्ट और एनआरसी को लेकर जहां देश में एक बड़ा वर्ग सड़कों पर उतरा है वहीं भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर एक दूसरे ही तरह की हलचल मची हुई है। इस वक्त चोरी छिपे बॉर्डर पार करने वालों की तादात बढ़ती जा रही है, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि लोग भारत से बांग्लादेश की तरफ जा रहे हैं। भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिक खुद ही वापस अपने देश लौटने लगे हैं।

बीएसएफ के आईजी वाई बी खुरानिया ने बताया कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार ज्यादा लोग वापस बांग्लादेश भाग रहे हैं। अगर आप इस साल जनवरी के ही आंकड़े देखें तो उससे स्पष्ट हो जाता है। 268 बांग्लादेशी बॉर्डर पर पकड़े गए हैं और अभी जनवरी बाकी है इसलिए वापस जाने वाले बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ रही है।

सरकार साफ कर चुकी है कि अभी एनआरसी पर कोई चर्चा भी शुरू नहीं हुई लेकिन एनपीआर को लेकर काम शुरू होने वाला है। वहीं नागरिकता कानून से भले ही घुसपैठियों का लेना देना न हो लेकिन वो समझ गए हैं कि अब अवैध तरीके से ज्यादा दिन भारत में नहीं रह पाएंगे।

यह पूछे जाने पर कि पिछले दो महीने में और क्या नोटिस किया, खासकर सीएए और एनआरसी के बाद, तब उन्होंने कहा, “जैसे मैंने बताया कि अवैध घुसपैठियों के वापस बांग्लादेश की तरफ जाने में इजाफा हुआ है लेकिन मैं फिर कहूंगा बढोतरी हुई है लेकिन ये पलायन नहीं है। इसे अभी पलायन नहीं कहा जा सकता है लेकिन बढोतरी जरूर हुई है। मैंने बताया कि घुसपैठियों के आने की तादाद कम हुई है और 90 फीसदी वो लोग हैं जो वापस भाग रहे हैं।”

अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी जिस रास्ते से आए थे, उसी रास्ते से वापस जा रहे हैं। भारत और बांग्लादेश का बॉर्डर पश्चिम बंगाल और असम से लेकर उत्तरपूर्व के राज्यों तक है लेकिन असम से लेकर पश्चिम बंगाल तक के बॉर्डर का इस्तेमाल वापसी के लिए हो रहा है। बीएसएफ के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में घोजाडांगा से लोग वापस बांग्लादेश जा रहे हैं इसलिए अब बॉर्डर पर सर्विलांस बढ़ाया जा रहा है। रेल और रोड से कनेक्टेड जगहों पर भी नज़र रखी जा रही है।

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