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छत्तीसगढ़ : अकलतरा ब्रिज जर्जर होने के मामले में इंजीनियर को केंद्र से मिली फटकार

NEWSDESK
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अकलतरा के पास रेलवे ओवरब्रिज ट्रैफिक चालू होने से पहले ही जर्जर हो गई। इस मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। इंजीनियर को दिल्ली बुलाकर पहले तो पुल जर्जर होने के कारणों की जानकारी ली गई। इसके बाद मॉनिटरिंग ठीक नहीं होने के कारण कड़ी फटकार लगाई गई है।

बिलासपुर से अकलतरा तक नई फोरलेन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इससे पहले कि ट्रैफिक चालू होता रेलवे ट्रैक के ऊपर बना ओवरब्रिज जर्जर हो गया। मामले पर लीपापोती करते हुए अधिकारियों ने नई दीवार बनाकर सब-कुछ ठीक कराने का जुगाड़ बना लिया था। इस बीच पूरे मामले की शिकायत केंद्र सरकार को हो गई। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सड़क का काम देख रहे इंजीनियर वायके सोनकर को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। बनने से पहले ही ओवरब्रिज जर्जर हो जाने को लेकर अधिकारी को जमकर फटकार लगाई गई। इसके अलावा उन्हें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के कड़े निर्देश मिले हैं। इसी के साथ अधिकारियों ने एक बार फिर जर्जर ओवरब्रिज और मरम्मत कार्य की समीक्षा शुरू कर दी है। देखा जा रहा है कि नई दीवार खड़ी करके कराई जा रही मरम्मत सुरक्षित है या नहीं। इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों से भी सलाह ली जा रही है। उल्लेखनीय है कि इसी तरह रायपुर रोड में भी सरगांव के पास बना ओवरब्रिज भी एक तरफ खतरनाक तरीके से बैठ गया है। इस मामले में भी केंद्रीय जांच दल ने ठेकेदार कंपनी को फिर से नया पुल बनाने के निर्देश दिए हैं। इस तरह जिले में निर्माणाधीन दोनों प्रमुख सड़क बनते ही जर्जर हो गई हैं। इसे लेकर एनएच और एनएचआइ दोनों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सड़क और पुल परफार्मेंस गारंटी में हैं। इनमें किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत आने पर ठेकेदार ही मरम्मत करेगा। अकलतरा रोड में भी पुल को ठेकेदार ठीक कर रहा है।

वायके सोनकर

कार्यपालन अभियंता, एनएच

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