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छत्तीसगढ़ : सरोज पांडेय का बढ़ा कद, डॉ अनिल जैन के प्रभार वाला हरियाणा फंसा

NEWSDESK
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महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ से जुड़े दो नेताओं की साख दांव पर थी। महाराष्ट्र की प्रदेश प्रभारी, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय के नेतृत्व में भाजपा जीत दर्ज कर रही है। ऐसे में राष्ट्रीय राजनीति में सरोज का कद बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। वहीं भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ अनिल जैन के प्रभार वाले हरियाणा में सीटों का समीकरण फंस गया है। भाजपा का आंकड़ा 40 सीट पर पहुंचकर रुक गया है। यहां बहुमत के लिए छह विधायकों की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद भाजपा संगठन में डॉ अनिल जैन को प्रभारी के पद से हटाने की मांग उठी थी।

केंद्रीय नेतृत्व ने न सिर्फ डॉ जैन को हटाने से इनकार किया, बल्कि चुनावी राज्य हरियाणा का भी प्रभारी बनाए रखा। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ की हार से सीख लेते हुए डॉ अनिल जैन को हरियाणा की जिम्मेदारी से हटाना चाहिए था। हरियाणा की हार का असर छत्तीसगढ़ की राजनीति पर भी पड़ेगा। बताया जा रहा है कि एक बार फिर डॉ अनिल जैन को प्रदेश प्रभारी के पद से हटाने की मांग तेज होगी। हालांकि हरियाणा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा सामने आई है। अब सरकार बनाने के लिए निर्दलीय विधायकों और अन्य पार्टियों पर निर्भर होना होगा। वहीं, सरोज पांडेय की दखल छत्तीसगढ़ सहित देशभर के भाजपा शासित राज्यों में बढ़ेगी। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भाजपा को अकेले 103 सीट मिली है। वहीं गठबंधन को 160 सीट के साथ बहुमत मिला है। भाजपा-शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे में सरोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। छत्तीसगढ़ से भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में डॉ रमन सिंह और रामविचार नेताम है।

चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद डॉ रमन के कद पर भी असर पड़ेगा। कांग्रेस लगातार यह मुद्दा बना रही है कि डॉ रमन को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने के बाद कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई। यही नहीं, विधानसभा चुनाव में उनको स्टार प्रचारक भी नहीं बनाया गया था। अब नगरीय निकाय चुनाव से पहले हो रहे संगठन चुनाव में भी गुटबाजी तेज होगी। सरोज पांडेय का खेमा प्रदेश अध्यक्ष के लिए अपने करीबी नेताओं का नाम आगे करेगा। अब तक डॉ रमन की पसंद को ही प्रदेश में तरजीह दी जा रही थी। लेकिन दो उपचुनाव में हार के बाद उनकी दखल कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

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