Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ : एजेंट से रेल टिकट बुक कराएं तो रहे सावधान, वरना हो सकती है ऐसी धोखाधड़ी

NEWSDESK
4 Min Read

ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के एजेंट यात्रियों की हड़बड़ी का फायदा उठाकर उन्हें चपत लगा रहे हैं। गुरुवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें तीन यात्रियों से एक्सप्रेस का किराया लेकर उन्हें पैसेंजर का टिकट थमा दिया गया।

जल्दबाजी में यात्री टिकट की जांच नहीं कर पाए और मेल से रायपुर पहुंच गए। वहां ट्रेन से उतरते ही टीटीई ने जांच की और 640 रुपये जुर्माना ठोंक दिया। यात्रियों ने बिलासपुर लौटकर इस मामले की शिकायत जन शिकायत सेल के अलावा जीआरपी थाने में की है।

मामला गुरुवार की सुबह का है। लोमेश सिंह, शुभम और सूर्या नाम के तीनों यात्रियों को रायपुर जाना था। तीनों दोस्त हैं। इनमें से एक की रायपुर में परीक्षा थी।

इसी में शामिल होने के लिए ट्रेन से जाने तीनों जोनल स्टेशन पहुंचे। पीआरएम के जनरल टिकट काउंटर में कतार थी। इसलिए उन्होंने गेट क्रमांक एक पर संचालित ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट लिए।

उस समय हावड़ा- मुंबई मेल थी। सभी टिकट लेकर ट्रेन में बैठ गए। रायपुर पहुंचने पर टीटीई ने टिकट मांगा। टिकट देखकर जुर्माना पटाने कहने लगा। इस पर यात्री हैरान रह गए और यह पूछने लगे कि टिकट है तो क्यों जुर्माना दें। इस पर टीटीई ने उन्हें बताया कि यह पैसेंजर टिकट है और वह एक्सप्रेस में पहुंचे हैं। इसके बाद यात्रियों ने टिकट दिया। पूरी घटनाक्रम और एटीवीएम मशीन के कर्मचारी द्वारा की गई बदमाशी की जानकारी भी दी।

लेकिन टीटीई ने नहीं मानें और दो पर बिना टिकट का जांच लेते जुर्माना कर दिया। शाम को तीनों बिलासपुर लौटे और इस मामले की लिखित शिकायत करने का निर्णय लिया। पहले जन शिकायत सेल इसके बाद जीआरपी थाने में शिकायत की। हालांकि इससे पहले वह बुकिंग कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी दी।

अधिकारी ने मशीन में मौजूद कर्मचारी को तलब कर फटकार भी लगाई। साथ ही उनकी राशि लौटाने के लिए कहा। इस पर कर्मचारी केवल टिकट किराया देने के लिए राजी हुआ, जब वह इस बात पर अड़े रहे कि जुर्माना भी उसी की वजह से हुई इसलिए उसे दें। कर्मचारी के अडियल रवैये को देखते हुए उन्होंने थाने में शिकायत की है।

अमला कभी नहीं करता जांच

मशीन में मौजूद कर्मचारी यात्रियों की हड़बड़ी का इसी तरह फायदा उठाकर यात्रियों को चूना लगाते हैं। आज की घटना के बाद यह माना जा सकता है कि पहले भी उनके द्वारा इसी तरह बदमाशी की गई होगी। इन पर शिकंजा कसने की जिम्मेदारी वाणिज्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की है। लेकिन हकीकत यह है कि वे कभी भी इनकी जांच नहीं करते हैं।

लिखित शिकायत अभी नहीं मिली है। केवल इस तरह मामले की सूचना मिली है। शिकायत आने के बाद मामले की जांच की जाएगी। यदि एजेंट ने बदमाशी की है तो उसके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। पुलकित सिंघल सीनियर डीसीएम, बिलासपुर रेल मंडल

Share this Article