Google Analytics —— Meta Pixel

आखिर खाकी ही क्यों होता है भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग, क्या आपको है इसके बारे में कोई जानकारी

NEWSDESK
3 Min Read

हर देश में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस का गठन किया जाता है। पुलिस की पहचान उसकी वर्दी से होती है। हमारे देश की पुलिस खाकी वर्दी पहनती है। लेकिन यह बात बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि आखिर पुलिस की वर्दी का रंग खाकी क्यों होता है?

भारतीय पुलिस की वर्दी का रंग क्यों होता है खाकी

जब भारत में ब्रिटिश राज चलता था तब पुलिस सफेद रंग की वर्दी पहनती थी। लेकिन लंबे समय तक ड्यूटी करने की वजह से उनकी वर्दी जल्दी गंदी हो जाती थी। इस वजह से उन्होंने अपनी वर्दी को अलग-अलग रंगों में रखना शुरू कर दिया। लेकिन उनकी वर्दी में विभिन्न रंग दिखने लगे तो अफसरों ने खाकी रंग की डाई तैयार करवाई थी। यह रंग हल्का पीला और भूरे रंग का मिश्रण है। इसके लिए उन्होंने चाय की पत्ती या फिर कॉटन फैब्रिक कलर को डाई की तरह उपयोग करके खाकी वर्दी तैयार करवाई।

खाक का हिंदी में अर्थ है गद्दी मिट्टी का रंग। खाकी रंग की डाई लगाने के बाद पुलिस की वर्दी में धूल मिट्टी के दाग कम दिखेंगे। 1847 में सर हैरी लम्सडेन ने इस वर्दी को पहनना शुरू किया। तभी से भारतीय पुलिस की वर्दी खाकी रंग की है।

आखिर सर हैरी लम्सडेन क्यों अपनाई खाकी वर्दी

सर हैरी लम्सडेन नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर के गवर्नर के एजेंट थे, जिन्होंने 1846 मे Corps of Guides फ़ोर्स खड़ी की थी। उस समय सर हैरी लम्सडेन को कमांडेंट और विलियम हडसन को सेकंड ऑफ़ कमांड बनाया गया और उनको फ़ोर्स को बढ़ाने की जिम्मेदारी मिली। शुरुआती दिनों में इस फ़ोर्स के जवान लोकल ड्रेस में ड्यूटी करते थे। लेकिन 1847 में सर हैरी लम्सडेन खाकी वर्दी को अपनाया।

आखिर पुलिस यूनिफॉर्म का इतिहास क्या है

BPRD मैन्युअल के मुताबिक, पहली आधुनिक पुलिस जो लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस थी, उसने 1829 में डार्क ब्लू रंग की यूनिफॉर्म बनवाई थी, जो पैरामिलिटरी स्टाइल यूनिफॉर्म थी। उस समय ब्रिटिश आर्मी लाल और सफेद रंग की यूनिफॉर्म पहनती थी। इस वजह से पुलिस की वर्दी ब्लू रंग की चुनी गई। 1853 में लंदन पुलिस को ध्यान में रखते हुए न्यूयॉर्क पुलिस ने भी अपना यूनिफॉर्म ब्लू रंग का बनवाया, जिसको देखकर अमेरिका और अन्य राज्यों में भी पुलिस की यूनिफॉर्म बनवाना शुरू कर दिया।

Share this Article